अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर है। इस मौके पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में महिलाओं का योगदान विशेष रूप से चर्चा में रहता है। विज्ञान, कंप्यूटिंग और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में कई महिलाओं ने ऐसे महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिनके बिना आज की AI तकनीक की कल्पना करना भी मुश्किल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में महिलाओं का योगदान शुरुआती कंप्यूटिंग युग से लेकर आधुनिक मशीन लर्निंग और AI सिस्टम तक दिखाई देता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में महिलाओं का योगदान
कंप्यूटर विज्ञान के शुरुआती दौर में भी कई महिलाओं ने तकनीकी विकास की मजबूत नींव रखी।
एडा लवलेस
एडा लवलेस को दुनिया की पहली कंप्यूटर प्रोग्रामर माना जाता है। 1840 के दशक में उन्होंने चार्ल्स बैबेज के एनालिटिकल इंजन पर काम करते हुए पहला कंप्यूटर एल्गोरिद्म लिखा था। उन्होंने यह भी कल्पना की थी कि कंप्यूटर केवल गणना ही नहीं बल्कि संगीत और अन्य जटिल कार्य भी कर सकते हैं। यह विचार आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम की आधारशिला माना जाता है।
हेदी लैमर
हेदी लैमर हॉलीवुड अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक प्रतिभाशाली आविष्कारक भी थीं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रीक्वेंसी-हॉपिंग तकनीक विकसित की थी। यही तकनीक बाद में WiFi, Bluetooth और GPS जैसी आधुनिक प्रणालियों की नींव बनी। इन तकनीकों के बिना आज के AI नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी संभव नहीं होती।
ग्रेस हॉपर
ग्रेस हॉपर एक प्रसिद्ध कंप्यूटर वैज्ञानिक और अमेरिकी नौसेना की रियर एडमिरल थीं। उन्होंने दुनिया का पहला कंपाइलर विकसित किया, जिससे प्रोग्रामिंग आसान हो गई। उनका काम COBOL प्रोग्रामिंग भाषा के विकास में भी महत्वपूर्ण रहा, जिसका प्रभाव बाद के कई सॉफ्टवेयर सिस्टम और AI प्रोग्रामिंग पर पड़ा।
कंप्यूटिंग युग को आगे बढ़ाने वाली महिलाएं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में महिलाओं का योगदान केवल शुरुआती दौर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आगे के दशकों में भी कई महिलाओं ने तकनीकी विकास को नई दिशा दी।
बेट्टी होलबर्टन
बेट्टी होलबर्टन उन छह महिलाओं में शामिल थीं जिन्होंने दुनिया के शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर ENIAC को प्रोग्राम किया था। उस समय कोई प्रोग्रामिंग भाषा या टूल उपलब्ध नहीं था, इसलिए उन्होंने नई प्रोग्रामिंग विधियों का विकास किया।
बारबरा लिस्कोव
बारबरा लिस्कोव ने सॉफ्टवेयर डिजाइन और प्रोग्रामिंग में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने CLU प्रोग्रामिंग भाषा विकसित की और डेटा एब्स्ट्रैक्शन की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया। यह सिद्धांत आज ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग और AI सिस्टम में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
एलेनोर रोश
मनोवैज्ञानिक एलेनोर रोश ने मानव मस्तिष्क द्वारा ज्ञान को वर्गीकृत करने के तरीके पर शोध किया। उनके अध्ययन ने मशीन लर्निंग और AI सिस्टम को वास्तविक दुनिया के डेटा को समझने में मदद की।
आधुनिक AI युग में अग्रणी महिलाएं
आज के दौर में भी कई महिलाएं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को नई दिशा दे रही हैं।
फेई-फेई ली
फेई-फेई ली कंप्यूटर विजन के क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं। उन्होंने ImageNet नामक विशाल डेटा सेट के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। इस डेटा सेट ने डीप लर्निंग और आधुनिक AI रिसर्च को तेजी से आगे बढ़ाया।
मीरा मुराती
मीरा मुराती OpenAI की पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी रह चुकी हैं। उन्होंने ChatGPT और DALL-E जैसे लोकप्रिय AI सिस्टम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डेनिएला अमोडेई
डेनिएला अमोडेई AI कंपनी Anthropic की सह-संस्थापक हैं। उनका काम सुरक्षित और जिम्मेदार AI सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित है।
टिमनिट गेबरू और जॉय बुओलाम्विनी
टिमनिट गेबरू और जॉय बुओलाम्विनी AI नैतिकता और एल्गोरिद्मिक निष्पक्षता पर काम करने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने यह दिखाया कि AI सिस्टम में सामाजिक पक्षपात कैसे आ सकता है और इसे कैसे सुधारा जा सकता है।
भविष्य में भी जारी रहेगा महिलाओं का योगदान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। आज कई शोधकर्ता, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और डेटा साइंस के क्षेत्रों में नई खोज कर रहे हैं।
डैनिएला रुस, जोएल पिनो, लिसा सु, सिंथिया ब्रेज़ियल और अनिमा आनंदकुमार जैसी कई महिलाएं AI अनुसंधान और तकनीकी विकास को आगे बढ़ा रही हैं। इन सभी के प्रयासों से यह स्पष्ट है कि भविष्य की AI तकनीक में महिलाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है।
read also: Claude AI विवाद: जर्मन फाउंडर का डेटाबेस डिलीट, भारतीय मूल उद्यमी ने बताया बड़ी गलती











