---Advertisement---

बागेश्वर धाम में फिर गूंजेंगी शहनाइयां, नेपाल समेत देशभर की 300 बेटियों का विवाह कराएंगे पं. धीरेंद्र शास्त्री

---Advertisement---

बागेश्वर धाम में फिर गूंजेंगी शहनाइयां, नेपाल समेत देशभर की 300 बेटियों का विवाह कराएंगे पं. धीरेंद्र शास्त्री

शिवरात्रि पर होगा सप्तम कन्या विवाह महोत्सव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सर्वाधिक बेटियां शामिल


Bageshwar Dham News | छतरपुर। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम में एक बार फिर सामाजिक सरोकार का भव्य उदाहरण देखने को मिलेगा। शिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले सप्तम कन्या विवाह महोत्सव में नेपाल सहित देश के 10 राज्यों की 300 बेटियां वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगी। इस अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन बेटियों का विवाह संपन्न कराएंगे।

बागेश्वर धाम प्रबंधन की ओर से विवाह के लिए चयनित बेटियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। यह विवाह महोत्सव धाम की दान पेटी में प्राप्त दानराशि से संपन्न कराया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी गरीब, अनाथ और बेसहारा बेटियों को प्राथमिकता दी गई है।

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली PIL पर आज सुनवाई


देश के 10 राज्यों की बेटियां होंगी शामिल

इस सामूहिक विवाह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार की बेटियां शामिल होंगी। इसके अलावा नेपाल की एक बेटी भी बागेश्वर धाम के इस विवाह महोत्सव का हिस्सा बनेगी।

आंकड़ों के अनुसार इस आयोजन में

  • मध्य प्रदेश की 229 बेटियां

  • उत्तर प्रदेश की 56 बेटियां

वैवाहिक बंधन में बंधेंगी, जबकि शेष अन्य राज्यों से चयनित की गई हैं।

बारामती विमान हादसा: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित 5 लोगों की मौत, लैंडिंग के दौरान क्रैश


अनाथ और गरीब बेटियों को मिली प्राथमिकता

बागेश्वर धाम से मिली जानकारी के अनुसार चयनित 300 बेटियों में—

  • 60 बेटियां अनाथ हैं
  • 138 बेटियां बिना पिता के
  • 28 बेटियां बिना माता के
  • 8 बेटियां दिव्यांग
  • 23 बेटियां दिव्यांग माता-पिता की संतान
  • 39 बेटियां अत्यंत गरीब परिवारों से

हैं। इन सभी का चयन आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया गया है।

महाकाल गर्भगृह प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: आम श्रद्धालुओं की याचिका खारिज, पुरानी व्यवस्था रहेगी लागू


1 से 15 दिसंबर तक जमा हुए थे आवेदन

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि कन्या और वर पक्ष की ओर से 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन आमंत्रित किए गए थे। पात्रता के आधार पर देश के 10 राज्यों के 60 जिलों से बेटियों का चयन किया गया।


पं. धीरेंद्र शास्त्री का संदेश

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि

“बागेश्वर धाम की दान पेटी में आने वाली हर राशि का उपयोग जरूरतमंद बेटियों के विवाह में किया जाता है। अगर देशभर के मठ और मंदिर इस परंपरा को अपनाएं तो न केवल गरीब बेटियों का घर बसेगा, बल्कि समाज में बेटी को बोझ समझने की सोच भी खत्म होगी।”


यह भी पढ़ें….
UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली PIL पर आज सुनवाई

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment