हनुमान चालीसा कभी नहीं पढ़नी चाहिए इन 4 समयों पर, प्रभाव हो जाता है बिल्कुल शून्य! जानें सबसे शक्तिशाली और सही मुहूर्त

हनुमान चालीसा कभी नहीं पढ़नी चाहिए इन 4 समयों पर, प्रभाव हो जाता है बिल्कुल शून्य! जानें सबसे शक्तिशाली और सही मुहूर्त

Best time to read Hanuman | हनुमान चालीसा को भारत के करोड़ों लोग अपनी ढाल मानते हैं। भय, संकट और नकारात्मकता से बचाने की यह चमत्कारी रचना है। लेकिन गलत समय पर किया गया पाठ 90% तक अपना असर खो देता है। बहुत से भक्त रोज़ पढ़ते हैं, फिर भी पूरा लाभ नहीं मिलता – वजह सिर्फ समय और नियमों का पालन न करना है।

ज्योतिष शास्त्र, तंत्र शास्त्र और अनुभवी साधकों के अनुसार ये वो 4 समय हैं जब हनुमान चालीसा बिल्कुल नहीं पढ़नी चाहिए:

1. सूर्यास्त के ठीक बाद का संक्रमण काल (20-25 मिनट)

  • सूर्यास्त के बाद का समय संध्या संक्रमण कहलाता है।
  • इस दौरान तामसिक ऊर्जा प्रबल होती है, मन अस्थिर रहता है।
  • पाठ करेंगे तो शब्द तो निकलेंगे, लेकिन हनुमानजी की कृपा ऊर्जा मन तक नहीं पहुँच पाएगी।
  • करें तो क्या करें? सूर्यास्त से 15 मिनट पहले या 30-40 मिनट बाद ही पाठ करें।

2. क्रोध, तनाव या बहुत ज्यादा चिंता में

  • गुस्से या मानसिक अशांति में मन की कंपनें बहुत तेज़ होती हैं।
  • चालीसा भक्ति और समर्पण की साधना है – क्रोध में यह सिर्फ़ शब्द बनकर रह जाता है।
  • पहले 5-10 गहरी साँसें लें, शांत हों, फिर पाठ शुरू करें। तभी हनुमानजी की शक्ति अंदर उतरेगी।

3. बिना नहाए, गंदे कपड़ों में या भोजन के तुरंत बाद

  • शास्त्रों में स्नान के बाद ही पूजा-पाठ का विधान है।
  • पेट भरा होने पर या शरीर में पसीना होने पर मन सुस्त और भारी रहता है।
  • साफ-सुथरे कपड़े और स्नान के बाद ही पाठ करें – प्रभाव 10 गुना बढ़ जाता है।

4. लेटकर या मोबाइल स्क्रॉल करते हुए

  • लेटकर पढ़ने से साँसें भारी हो जाती हैं, नींद आने लगती है।
  • मोबाइल पर स्क्रॉल करते हुए पढ़ने से ध्यान आधा फोन में, आधा चालीसा में।
  • दोनों ही स्थितियों में पाठ की ऊर्जा बिल्कुल शून्य हो जाती है।
  • सही तरीका: सीधे बैठकर, किताब या फोटो के सामने, पूरी श्रद्धा से पढ़ें।

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हनुमान चालीसा पढ़ने के 3 सबसे शक्तिशाली और फलदायी समय

  1. ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 3:40 से 4:40 बजे तक) → सात्विक ऊर्जा चरम पर होती है। → एक बार पाठ करने से पूरे दिन सुरक्षा कवच रहता है। → भय, नकारात्मकता और ग्रह बाधाएँ तुरंत दूर होती हैं।
  2. मंगलवार और शनिवार (किसी भी समय, विशेषकर सुबह या शाम) → ये दिन स्वयं हनुमानजी को समर्पित हैं। → 3, 7 या 11 पाठ करने से नज़र दोष, शनि-मंगल की पीड़ा, कोर्ट-कचहरी के मामले जल्दी सुलझते हैं।
  3. रात को सोने से ठीक पहले (शयन काल) → दिनभर की सारी नकारात्मकता दूर होती है। → डरावने सपने, अनिद्रा और मानसिक तनाव में तुरंत राहत। → सुबह तक मन में अद्भुत सुरक्षा और शांति का भाव रहता है।

अतिरिक्त टिप्स – पाठ का प्रभाव 100 गुना बढ़ाने के लिए

  • हमेशा हनुमानजी की मूर्ति या फोटो के सामने दीपक जलाकर पढ़ें।
  • लाल या पीले आसन पर बैठें।
  • पाठ के बाद एक बार “जय श्री राम” या “श्री हनुमान जी की जय” जरूर बोलें।
  • मंगलवार-शनिवार को गुड़-चना का प्रसाद चढ़ाएं और बाँटें।

याद रखें – हनुमान चालीसा कोई जादू की छड़ी नहीं है। यह तभी चमत्कार करती है जब सही समय, सही भाव और सही विधि से पढ़ी जाए।

ॐ हनुमते नमः आज से ही इन नियमों का पालन शुरू करें – हनुमानजी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी।


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