भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता फरवरी 2026 में लागू होने के बाद किसानों के लिए उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। बीते कुछ वर्षों में भारी टैरिफ के कारण जिन कृषि उत्पादों का निर्यात प्रभावित हुआ था, अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोबारा मजबूती मिलने की संभावना है। खास तौर पर जीरा और ईसबगोल जैसे उत्पादों को इस समझौते से सीधा लाभ मिलता नजर आ रहा है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
क्यों अहम है भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता
वर्ष 2025 में अमेरिका द्वारा भारतीय कृषि उत्पादों पर 25 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए गए थे। इसका असर सीधे निर्यात पर पड़ा और कई उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो गए। नए भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता के तहत औसत टैरिफ घटकर लगभग 18 प्रतिशत रह गया है। साथ ही जीरा, ईसबगोल, चाय और कॉफी जैसे उत्पादों पर शून्य शुल्क की संभावना जताई जा रही है, जिससे भारतीय किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।
जीरा किसानों के लिए क्यों है यह बड़ी राहत
टैरिफ में कटौती के बाद भारतीय जीरा फिर से प्रतिस्पर्धी कीमत पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध होगा। इससे निर्यात बढ़ने की संभावना है और घरेलू मंडियों में भी भाव मजबूत हो सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता से जीरा उत्पादकों को बेहतर दाम और स्थिर मांग का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा होगा।
ईसबगोल को मिलेगा नया बाजार
ईसबगोल के वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका पहले से ही मजबूत रही है। अब टैरिफ में राहत मिलने से कच्चे ईसबगोल के साथ-साथ भूसी और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों का निर्यात भी बढ़ सकता है। भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता के कारण ईसबगोल की मांग बढ़ने से किसानों को प्रति क्विंटल अधिक कीमत मिलने की संभावना है।
आय, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर असर
कम टैरिफ से निर्यात लागत घटेगी और किसानों के साथ-साथ व्यापारियों का मुनाफा भी बढ़ेगा। अनुमान है कि जीरा और ईसबगोल से जुड़े किसानों की आय में 20 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता कृषि आधारित रोजगार को भी बढ़ावा देगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता किसानों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है। टैरिफ में कटौती और बढ़ते निर्यात से यह समझौता न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान भी दिलाएगा।
read also: PAK vs USA: क्या टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बाहर होंगे बाबर आज़म? बासित अली के दावे से मचा हड़कंप










