रोज़मर्रा की थाली में छुपा खतरा: ये 15 आम फूड कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं
जंक फूड ही नहीं, कई सामान्य खाद्य पदार्थ भी सेहत के लिए बन सकते हैं गंभीर खतरा, विशेषज्ञ सावधानी बरतने की दे रहे सलाह
cancer causing foods list | आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग स्वाद, सुविधा और आदत के कारण कई ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन रोज़ाना कर रहे हैं, जो लंबे समय में शरीर के लिए घातक साबित हो सकते हैं। आमतौर पर जंक फूड को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड के अलावा भी कई रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनका अत्यधिक और लगातार सेवन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
सबसे चिंता की बात यह है कि इन खाद्य पदार्थों का दुष्प्रभाव धीरे-धीरे शरीर पर पड़ता है और जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक नुकसान काफी बढ़ चुका होता है। शोध और पोषण विशेषज्ञों की राय के अनुसार, खानपान में जागरूकता और सही विकल्प अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कोल्ड ड्रिंक से लेकर प्रोसेस्ड मीट तक, खतरे की लंबी सूची
विशेषज्ञों के अनुसार, कोल्ड ड्रिंक में अत्यधिक चीनी और आर्टिफिशियल कलर का उपयोग किया जाता है। इनमें मौजूद कुछ रसायन शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं। इसी तरह तेज़ आंच पर पकाया गया ग्रिल्ड रेड मीट, माइक्रोवेव पॉपकॉर्न, कैन में बंद भोजन, खासकर टमाटर, भी जोखिम बढ़ाने वाले माने जाते हैं।
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इसके अलावा, वेजिटेबल ऑयल, फार्मड फिश, आर्टिफिशियल स्वीटनर, मैदा, अत्यधिक कीटनाशक लगे फल, प्रोसेस्ड मीट, पोटैटो चिप्स, GMO फूड, अधिक शराब, रिफाइंड शुगर और ट्रांस फैट भी लंबे समय में शरीर की कोशिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
क्यों बढ़ता है खतरा
पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि इन खाद्य पदार्थों में मौजूद कुछ केमिकल्स, प्रिज़र्वेटिव्स, ट्रांस फैट और अत्यधिक चीनी शरीर में सूजन बढ़ाते हैं। इससे कोशिकाओं की संरचना प्रभावित होती है और कुछ मामलों में यह कैंसर कोशिकाओं के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बना सकता है। हालांकि यह खतरा एक दिन में नहीं, बल्कि लंबे समय तक गलत खानपान से बढ़ता है।
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समाधान क्या है
विशेषज्ञों का कहना है कि डरने की बजाय सही जानकारी और संतुलन ज़रूरी है। ताज़ा, कम प्रोसेस्ड और प्राकृतिक भोजन अपनाकर, साथ ही पैकेज्ड फूड के लेबल पढ़ने की आदत डालकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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कैंसर के खतरे को कम करने के लिए क्या करें
- ताज़ा फल और सब्ज़ियों को प्राथमिकता दें
- प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड का सेवन सीमित रखें
- कोल्ड ड्रिंक और मीठे पेय की जगह पानी या प्राकृतिक पेय लें
- ट्रांस फैट और रिफाइंड शुगर से बचें
- भोजन पकाने के लिए पारंपरिक और संतुलित तेलों का उपयोग करें
- शराब का सेवन सीमित या पूरी तरह त्यागें
- जहां संभव हो, ऑर्गेनिक और नॉन-GMO विकल्प चुनें
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।



