रेखा गुप्ता हमले में बड़ा खुलासा: शिवलिंग, कुत्ता, बंदर और बिना टिकट यात्रा कर राजकोट से दिल्ली पहुंचा हमलावर
Delhi CM Rekha Gupta Attack | 21 अगस्त 2025, नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार, 20 अगस्त 2025 को जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुए हमले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। हमलावर, 41 वर्षीय राजेशभाई खिमजीभाई सकरिया, जो गुजरात के राजकोट का निवासी है, को दिल्ली पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया। इस हमले ने न केवल दिल्ली की Z+ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि हमलावर की विचित्र गतिविधियों और पशु हित से जुड़े दावों ने पुलिस जांच को और जटिल बना दिया है। आइए जानते हैं इस घटना के पीछे की पूरी कहानी, हमलावर की राजकोट से दिल्ली तक की यात्रा, और पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे। Delhi CM Rekha Gupta Attack
हमले का घटनाक्रम: 80 सेकेंड की सनसनी
20 अगस्त 2025 को सुबह करीब 8:15 बजे, दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कैंप कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान, शिकायतकर्ता के रूप में आए राजेशभाई खिमजीभाई सकरिया ने अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने पहले रेखा गुप्ता को कुछ कागजात सौंपे, फिर जोर से चिल्लाते हुए गाली-गलौज की और उन्हें थप्पड़ मारने, बाल खींचने, और धक्का देकर गिराने की कोशिश की। यह सब 80 सेकेंड तक चला, जिसके बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम और वहां मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लिया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 132 (सार्वजनिक सेवक पर हमला), और 221 (सार्वजनिक कार्य में बाधा) के तहत मामला दर्ज किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सिर, हाथ, और कंधे पर मामूली चोटें आईं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “यह हमला न केवल मुझ पर, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा के हमारे संकल्प पर कायराना हमला है। मैं जल्द ही और अधिक ऊर्जा के साथ जनता के बीच रहूंगी।”
हमलावर कौन है? राजेशभाई खिमजीभाई सकरिया का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया कि 41 वर्षीय राजेशभाई खिमजीभाई सकरिया एक ऑटो-रिक्शा चालक है और राजकोट के भक्तिनगरपुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में उसे बरी किया जा चुका है, जबकि एक मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है। इन मामलों में चाकू से हमला, शांति भंग करने का इरादा, और शराबबंदी अधिनियम के उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं।
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पुलिस ने राजेश के दस्तावेजों की जांच के लिए गुजरात पुलिस से संपर्क किया है। उसकी मां, भानुबेन ने मीडिया को बताया कि राजेश पशु प्रेमी है और मानसिक रूप से अस्थिर है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी दिल्ली और अयोध्या जैसे स्थानों पर अकेले यात्रा कर चुका है।
राजकोट से दिल्ली: रहस्यमयी यात्रा
पुलिस जांच में राजेशभाई की राजकोट से दिल्ली तक की यात्रा का विवरण सामने आया है, जो कई रहस्यमयी पहलुओं से भरा है:
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17 अगस्त 2025: राजेश राजकोट से अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ। वहां से उसने इंदौर-गांधी नगर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी और बिना टिकट के उज्जैन पहुंचा।
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18 अगस्त 2025: उज्जैन में राजेश ने महाकाल और काल भैरव मंदिरों के दर्शन किए। उसी दिन शाम 6:30 बजे उसने इंदौर-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी, फिर से बिना टिकट के।
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19 अगस्त 2025: सुबह 6:30 बजे वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा। इसके बाद, वह करोलबाग के हनुमान मंदिर गया, जहां उसने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पुलिस के अनुसार, राजेश ने करोलबाग में मुख्यमंत्री आवास का पता पूछा और फिर मेट्रो और ऑटो-रिक्शा (50 रुपये में) के जरिए शालीमार बाग पहुंचा। वहां से वह सिविल लाइंस के गुजराती भवन में रुका, जो मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय से केवल 700 मीटर दूर है।
हमले की योजना: प्रीमेडिटेटेड साजिश?
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि राजेश ने हमले से 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री के शालीमार बाग स्थित आवास और सिविल लाइंस के कैंप कार्यालय की रेकी की थी। वह क्षेत्र में घूमता और वीडियो रिकॉर्ड करता देखा गया। पुलिस का मानना है कि यह हमला सुनियोजित था, और जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या राजेश अकेले था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
पशु हित और शिवलिंग का सपना
पुलिस पूछताछ में राजेश ने कई अजीबोगरीब दावे किए। उसने कहा कि उसने सपने में देखा कि एक शिवलिंग पर कुत्ता बैठा है, जिसे उसने भगवान शिव का संदेश माना कि उसे कुत्तों के हित के लिए आवाज उठानी है। उसने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उसने एक वीडियो देखा था, जिसमें दिल्ली में कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने की बात हो रही थी।
इसके अलावा, राजेश मई 2025 में अयोध्या गया था, जहां उसने बंदरों के हित के लिए अनशन किया था। वह राजकोट के खोडल धाम में भी पशु हित के लिए एक प्रदर्शन में शामिल हो चुका है, हालांकि वह प्रदर्शन हिंसक नहीं था।
राजेश ने यह भी दावा किया कि वह एक रिश्तेदार की रिहाई के लिए मुख्यमंत्री से मिलने आया था, जो तिहाड़ जेल में बंद है। उसके पास इससे संबंधित कुछ कोर्ट दस्तावेज भी थे।
पुलिस जांच: असली मकसद की तलाश
दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और खुफिया ब्यूरो (IB) राजेश से संयुक्त रूप से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस उसके कॉल रिकॉर्ड और दिल्ली में उसके संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी संगठन या व्यक्ति के इशारे पर काम कर रहा था।
राजेश के दावों, जैसे शिवलिंग पर कुत्ते का सपना और पशु हित के लिए अनशन, ने पुलिस को असमंजस में डाल दिया है। उसका मानसिक स्वास्थ्य भी जांच के दायरे में है। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने इस मामले में उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने दिल्ली की Z+ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दलों, जैसे आप और कांग्रेस, ने हमले की निंदा की है। आप नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने X पर लिखा, “दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला अत्यंत निंदनीय है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।”
हालांकि, कुछ BJP नेताओं ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है। दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि रेखा गुप्ता स्थिर हैं और जनसुनवाई कार्यक्रम जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी खारिज किया कि मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा गया या पत्थर फेंका गया। Delhi CM Rekha Gupta Attack
यह हमला न केवल दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि हमलावर के विचित्रदावों और उसकी यात्रा की कहानी ने इस मामले को और रहस्यमयी बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह हमल व्यक्तिगत था, पशु हित से प्रेरित था, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। राजेशभाई खिमजीभाई को 5 दिन की पुलिसरिमांड पर भेज दियागया है, और जांच में जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। Delhi CM Rekha Gupta Attack
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।