नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ और अफरातफरी: ट्रेनों के विलंब से यात्रियों में हड़कंप, भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न
Delhi News | नई दिल्ली। रविवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर भारी भीड़ और अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसने 15 फरवरी को महाकुंभ मेले के दौरान हुई भगदड़ की याद दिला दी। इस घटना में कई ट्रेनों के विलंबित होने के कारण प्लेटफॉर्म 12 और 13 पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने तुरंत भीड़ नियंत्रण के उपाय करके किसी बड़ी दुर्घटना को होने से रोका। Delhi News
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने बैरिकेड्स को लांघकर और कतारों को तोड़ते हुए अपने-अपने प्लेटफॉर्म पर पहुंचने की कोशिश की। इस घटनाक्रम का सही समय अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह माना जा रहा है कि रात करीब 9 बजे के आसपास यह स्थिति उत्पन्न हुई। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
ट्रेनों के विलंब से हुई भीड़:
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चार ट्रेनों के प्रस्थान में देरी हुई, जिसके कारण यात्रियों में असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। इन ट्रेनों में शिव गंगा एक्सप्रेस (जिसका प्रस्थान 8.05 बजे रात को होना था), जम्मू राजधानी एक्सप्रेस (जिसका प्रस्थान 9.25 बजे रात को होना था), लखनऊ मेल (जिसका प्रस्थान 10 बजे रात को होना था) और मगध एक्सप्रेस (जिसका प्रस्थान 9.05 बजे रात को होना था) शामिल थीं। इसके अलावा, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, जो रात 9.15 बजे रवाना होने वाली थी, पहले से ही प्लेटफॉर्म पर आ गई थी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
एक रेलवे अधिकारी ने बताया, “देरी के कारण प्लेटफॉर्म 12 और 13 पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। हमने तुरंत भीड़ नियंत्रण के उपाय किए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।” रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक अधिकारी ने कहा, “हम एहतियात के तौर पर प्लेटफॉर्म पर पहुंचे थे। हमने बस ट्रेनें आने पर भीड़ को तितर-बितर कर दिया।”
यह घटना 15 फरवरी को महाकुंभ मेले के दौरान हुई भगदड़ की याद दिलाती है, जब प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों की घोषणाओं में कथित कुप्रबंधन के कारण यात्रियों में भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। उस घटना में 18 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में हताहतों की संख्या का खुलासा नहीं किया था। केंद्र सरकार ने भगदड़ से प्रभावित 33 परिवारों को कुल 2.01 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया था, जिसमें मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 2.5 लाख रुपये शामिल थे। Delhi News
भीड़ प्रबंधन और सुधार की आवश्यकता:
इस तरह की घटनाएं रेलवे स्टेशनों पर बेहतर भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए और अधिक सतर्कता बरती जाएगी। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए उपाय किए जाएंगे, ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर योजना बनाई जाएगी। Delhi News
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