नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़: 18 की मौत, 20 से अधिक घायल
Delhi Stampede | नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात एक भीषण भगदड़ मच गई, जिसमें 18 यात्रियों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए। यह हादसा प्रयागराज जाने वाली ट्रेन के लिए यात्रियों की भारी भीड़ के कारण हुआ। घटना के बाद से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे का कारण
- भीड़ का दबाव: शनिवार-रविवार की छुट्टी और महाकुंभ के चलते स्टेशन पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई।
- ट्रेनों का लेट होना: प्रयागराज जाने वाली दो ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई।
- विशेष ट्रेन का एलान: इसी दौरान प्रयागराज के लिए एक विशेष ट्रेन के एलान के बाद यात्री प्लेटफॉर्म 14-16 की ओर भागे, जिससे भगदड़ मच गई।
- ओवरब्रिज और सीढ़ियों पर भीड़: एस्केलेटर और स्टेशन के दरवाजों पर भीड़ बढ़ने से स्थिति बेकाबू हो गई।
मृतक और घायल
- लोकनायक अस्पताल में 15 और लेडी हार्डिंग अस्पताल में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। मृतकों में 11 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।
- 20 से अधिक घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव: उन्होंने हादसे पर दुख जताया और प्रभावितों की मदद के लिए टीम तैनात की।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना: उन्होंने हादसे की पुष्टि की और राहत कार्यों की निगरानी का आश्वासन दिया।
जांच और जिम्मेदारी
- रेलवे ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
- स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
- रेलवे अधिकारियों ने शुरू में हादसे को अफवाह बताया, लेकिन बाद में मौतों की पुष्टि हुई।
पीड़ितों की कहानी
- बिहार के राजकुमार माझी ने बताया कि उनकी पत्नी शांति देवी और बेटी पूजा की इस भगदड़ में मौत हो गई, जबकि उनका बेटा लापता है।
- पटना के पप्पू ने बताया कि उन्होंने अपनी मां को इस हादसे में खो दिया।
यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा और प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। Delhi Stampede
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