ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को गुमराह कर रही? 26 बड़ी फर्मों ने सरकार को दिया सफाई भरा हलफनामा
E-commerce scams exposed | Zepto, BigBasket, Zomato, Meesho और PharmEasy जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियां उपभोक्ताओं को भ्रामक तरीकों से लुभाने के आरोपों के बीच हरकत में आ गई हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने गुरुवार को खुलासा किया कि 26 बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों ने हलफनामा देकर दावा किया है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ‘डार्क पैटर्न्स’ का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। ये डार्क पैटर्न्स उपभोक्ताओं को झूठी जरूरत का भ्रम पैदा करने, शॉपिंग कार्ट में अनचाहे आइटम जोड़ने, दान की मांग करने या खरीदारी के लिए दबाव बनाने जैसे तरीकों से ठगते हैं।
CCPA का सख्त निर्देश और कंपनियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इस साल 5 जून को सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को आदेश दिया था कि वे स्वयं जांच करें और घोषणा करें कि उनके प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई भ्रामक प्रक्रिया नहीं हो रही। CCPA ने 2023 की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके जवाब में 26 प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ने सेल्फ-डिक्लेरेशन लेटर सौंपे हैं, जिसमें वादा किया गया है कि वे डार्क पैटर्न्स के खिलाफ नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में संचालित हर व्यवसाय को उपभोक्ता हितों का ध्यान रखना होगा। मैनिपुलेटिव प्रैक्टिसेज से ग्राहकों को नुकसान पहुंचना अस्वीकार्य है। बाकी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और ऐप डेवलपर्स को भी इसी तरह कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
सेल्फ-डिक्लेरेशन देने वाली प्रमुख कंपनियां
हलफनामा देने वालों में ये नाम शामिल हैं:
- Zepto, BigBasket, Zomato, Meesho, PharmEasy
- Page Industries (Jockey), Flipkart, Myntra, Cleartrip
- William Penn, Duroflex, Walmart India
- MakeMyTrip, Reliance Jewels, Aegio
- Reliance Digital, Netmeds, Hamleys
- Milwaukee, Swiggy, Tata 1mg, Blinkit
कुल 26 प्लेटफॉर्म्स ने यह कदम उठाया है, जो ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं।
13 डार्क पैटर्न्स: उपभोक्ता ठगी के प्रमुख तरीके
CCPA ने अपनी 2023 गाइडलाइंस में 13 प्रकार के डार्क पैटर्न्स की पहचान की थी। ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल होने वाले भ्रामक डिजाइन या तकनीकें हैं, जो ग्राहकों को धोखा देकर अनचाही खरीदारी करवाती हैं या उनकी पसंद को प्रभावित करती हैं। प्रमुख उदाहरण:
- बास्केट स्नीकिंग: शॉपिंग कार्ट में अनचाहे आइटम जोड़ना।
- कन्फर्म शेमिंग: खरीदारी न करने पर शर्मिंदा करने वाले मैसेज।
- फोर्स्ड एक्शन: सब्सक्रिप्शन या एक्शन के लिए मजबूर करना।
- सब्सक्रिप्शन ट्रैप: आसानी से सब्सक्राइब करवाना, लेकिन कैंसल करना मुश्किल बनाना।
- इंटरफेस इंटरफेरेंस: यूजर इंटरफेस को भ्रमित करने वाला डिजाइन।
- बेट एंड स्विच: एक प्रोडक्ट दिखाकर दूसरा बेचना।
- ड्रिप प्राइसिंग: कीमतें धीरे-धीरे बढ़ाना या छिपाना।
- ट्रिक बर्डिंग: छूट या ऑफर के नाम पर धोखा।
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ये सभी तरीके उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करते हैं। गाइडलाइंस 30 नवंबर 2023 को जारी हुई थीं।
जागो ग्राहक जागो: सरकार की पहल
सरकार का ‘जागो ग्राहक जागो’ ऐप उपभोक्ताओं की मदद के लिए तैयार किया गया है। यह ऐप ऑनलाइन एक्टिविटी के दौरान ई-कॉमर्स से जुड़े URL की जानकारी देता है और संदिग्ध गतिविधियों पर अलर्ट करता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और ऐसी ठगी से बचें।
नोट: यह जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक बयान पर आधारित है। यदि आपको कोई शिकायत है, तो CCPA पोर्टल पर दर्ज करें। जागरूक रहें, सुरक्षित खरीदारी करें!
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










