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EV 2-Wheeler Market में बड़ा उलटफेर, TVS, Hero और Bajaj ने हासिल की 60% हिस्सेदारी

EV 2-Wheeler Market में बड़ा उलटफेर, TVS, Hero और Bajaj ने हासिल की 60% हिस्सेदारी
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भारत का EV 2-Wheeler Market अब नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जहां कभी स्टार्टअप कंपनियां इस सेगमेंट की अगुआ मानी जाती थीं, वहीं अब पारंपरिक निर्माता कंपनियां बाज़ी मार रही हैं। जनवरी 2026 तक TVS Motor, Bajaj Auto और Hero MotoCorp ने मिलकर इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा केवल 34 प्रतिशत था, जो इस बदलाव की रफ्तार को दर्शाता है।

स्टार्टअप से मेनस्ट्रीम की ओर बदलाव

पिछले एक वर्ष में EV 2-Wheeler Market में तेज़ी से समेकन देखने को मिला है। शुरुआत में स्टार्टअप्स ने शुरुआती ग्राहकों को आकर्षित किया, लेकिन अब मुख्यधारा के ग्राहक विश्वसनीयता, सर्विस नेटवर्क और दीर्घकालिक स्वामित्व लागत को प्राथमिकता दे रहे हैं। इन क्षेत्रों में पारंपरिक कंपनियों का मजबूत ढांचा उन्हें बढ़त दिला रहा है।

TVS Motor की रणनीति रही सफल

TVS Motor ने अपनी इलेक्ट्रिक रणनीति के तहत उत्पादन क्षमता बढ़ाई और पोर्टफोलियो का विस्तार किया। iQube और हाल ही में लॉन्च किए गए Orbiter मॉडल की मांग मजबूत बनी हुई है। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी ने 1 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री दर्ज की। यह दर्शाता है कि व्यापक डीलर नेटवर्क और स्थिर उत्पादन क्षमता कैसे बिक्री को मजबूती देती है।

Bajaj Auto की वापसी

Bajaj Auto ने भी बैटरी सप्लाई से जुड़ी शुरुआती चुनौतियों को दूर कर शानदार वापसी की। Chetak लाइनअप में किफायती वेरिएंट जोड़कर कंपनी ने युवाओं और महिला ग्राहकों को आकर्षित किया। उत्पादन सामान्य होने के बाद दिसंबर तिमाही में बिक्री में तेज उछाल आया और कंपनी ने दूसरा स्थान पुनः हासिल कर लिया।

Hero MotoCorp और बदलती प्राथमिकताएं

Hero MotoCorp ने भी अपनी उपस्थिति मजबूत की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब ग्राहक केवल कीमत नहीं, बल्कि बैटरी की सुरक्षा, लंबी उम्र, बेहतर सर्विस और रीसेल वैल्यू को महत्व दे रहे हैं। यही वजह है कि EV 2-Wheeler Market में स्थापित कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है।

सरकारी नीति और भविष्य की दिशा

बजट 2026 में घोषित PM E-DRIVE योजना ने स्थानीयकरण और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इससे मजबूत सप्लाई चेन वाली कंपनियों को लाभ मिलने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि यह नीति भारत को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में उभरने में मदद कर सकती है।

हालांकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन अभी भी कुल बाजार का छोटा हिस्सा हैं, लेकिन पैठ लगातार बढ़ रही है। बेहतर बैटरी तकनीक, विस्तृत सर्विस नेटवर्क और बढ़ते उपभोक्ता विश्वास के चलते EV 2-Wheeler Market आने वाले वर्षों में और तेज़ी से विस्तार कर सकता है।

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