GST रजिस्ट्रेशन अब 3 दिन में, रिफंड में भी तेजी: सरकार का बड़ा सुधार

GST रजिस्ट्रेशन अब 3 दिन में, रिफंड में भी तेजी: सरकार का बड़ा सुधार

GST Registration Update | भारत सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली में व्यापक सुधारों की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य करदाताओं की सुविधा बढ़ाना, अनुपालन को सरल बनाना और व्यवसायों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को राहत प्रदान करना है। स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में तीन प्रमुख सुधारों की बात कही, जिसमें संरचनात्मक सुधार, कर दरों में कमी और प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अब व्यवसायों को मात्र तीन दिनों में जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्राप्त हो सकेगा, और रिफंड प्रक्रिया को भी पूरी तरह से स्वचालित (ऑटोमेटेड) किया जाएगा। ये कदम न केवल व्यवसायों के लिए समय और लागत की बचत करेंगे, बल्कि जीएसटी सिस्टम में पारदर्शिता और विश्वास को भी बढ़ाएंगे। GST Registration Update

तीन दिन में जीएसटी रजिस्ट्रेशन

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सरकार जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसमें व्यवसायों को केवल तीन दिनों के भीतर जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्राप्त हो जाएगा। इस नई प्रणाली के तहत, लगभग 95% आवेदनों को इस समयसीमा के भीतर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यह कदम छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा, जो अक्सर लंबी प्रक्रियाओं के कारण परेशानी का सामना करते हैं।

इसके लिए सरकार जीएसटी पोर्टल को और अधिक कुशल बनाने पर काम कर रही है, जिसमें डिजिटल सत्यापन और स्वचालित प्रणालियों का उपयोग शामिल है। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह सुधार छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो तेजी से व्यवसाय शुरू करने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता रखते हैं।

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रिफंड प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ, सरकार रिफंड प्रक्रिया को भी स्वचालित करने की दिशा में कदम उठा रही है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से संबंधित रिफंड को अब बड़े पैमाने पर ऑटोमेटेड किया जाएगा। इस प्रक्रिया में मैन्युअल हस्तक्षेप को न्यूनतम किया जाएगा, जिससे रिफंड का वितरण तेजी से होगा।

विशेष रूप से निर्यातकों (एक्सपोर्टर्स) के लिए, सरकार ने स्वचालित रिफंड प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इससे निर्यातकों को समय पर रिफंड मिलेगा, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की समस्या कम होगी। वित्त मंत्रालय का कहना है कि ये बदलाव अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के पुनर्गठन का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य करदाताओं का विश्वास बढ़ाना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।

MSME के लिए विशेष राहत

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और सरकार ने इनके लिए विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जीएसटी सुधारों का मुख्य उद्देश्य MSME की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं, जैसे रिफंड में देरी और जटिल अनुपालन प्रक्रियाओं, को दूर करना है। रिफंड में देरी के कारण MSME को अक्सर पूंजी की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके व्यवसाय संचालन पर असर पड़ता है।

स्वचालित रिफंड और त्वरित रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से MSME को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उनके कैश फ्लो में भी सुधार होगा। इसके अलावा, अनुपालन लागत में कमी से छोटे व्यवसायों को अपनी ऊर्जा और संसाधनों को व्यवसाय वृद्धि पर केंद्रित करने में मदद मिलेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ये सुधार छोटे व्यापारियों, मैन्युफैक्चरर्स और उपभोक्ताओं के लिए जीएसटी सिस्टम को और अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएंगे।”

जीएसटी परिषद और GOM की भूमिका

इन सुधारों को लागू करने के लिए, जीएसटी रेट्स को युक्तिसंगत बनाने और अनुपालन बोझ को कम करने के लिए गठित मंत्रियों का समूह (Group of Ministers – GOM) 20-21 अगस्त 2025 को अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगा। इस बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन, रिफंड प्रक्रिया और कर दरों में कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। GOM की सिफारिशों को सितंबर 2025 के तीसरे या चौथे सप्ताह में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

जीएसटी परिषद इस बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित सुधारों को अंतिम रूप देगी और इन्हें लागू करने की समयसीमा तय करेगी। सूत्रों के अनुसार, इन सुधारों को दीपावली 2025 तक लागू करने की योजना है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में संकेत दिया था।

अन्य सुधार और भविष्य की योजनाएं

जीएसटी सुधारों के तहत, सरकार कर दरों को युक्तिसंगत बनाने पर भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य कर ढांचे को सरल बनाना और व्यवसायों पर कर बोझ को कम करना है। इसके अलावा, जीएसटी पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि ये सुधार न केवल व्यवसायों के लिए अनुपालन को आसान बनाएंगे, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी जीएसटी सिस्टम को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएंगे। भविष्य में, सरकार जीएसटी सिस्टम में और अधिक डिजिटल और स्वचालित समाधान लाने की योजना बना रही है, जिससे भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली विश्व स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सके। GST Registration Update

जीएसटी में प्रस्तावित सुधार, जैसे तीन दिन में रजिस्ट्रेशन, स्वचालित रिफंड और कर दरों में कमी, भारत के व्यवसायों और अर्थव्यवस्था के लिएएक गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। विशेषरूप से MSME को इन सुधारों से बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। जीएसटी परिषद की आगामी बैठक और GOM की सिफारिशें इन सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। दीपावली 2025 तक इ सुधारों के लागू होने की उम्मीद है, जो भारत के करदाताओं और व्यवसायों के लिए एक नया युग शुरू कर सकता है। GST Registration Update


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