मध्यप्रदेश की आर्थिक उड़ान: GST और VAT से रिकॉर्ड कमाई, 8% बढ़ा राजस्व
GST Revenue Madhya Pradesh | नए साल के पहले दिन मध्यप्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग ने अपनी सालभर की कमाई का हिसाब-किताब जनता के सामने रखा। यह आंकड़े न सिर्फ प्रदेश की आर्थिक मजबूती को दर्शाते हैं, बल्कि कर संग्रह में हुई उल्लेखनीय वृद्धि से राज्य की प्रगति की कहानी भी बयां करते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश ने वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT) और प्रोफेशनल टैक्स के जरिए कुल 55,630 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले साल के 51,470 करोड़ रुपये की तुलना में 8.08 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी है। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश से संग्रहित कुल GST 45,072 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि कैसे मध्यप्रदेश ने कर संग्रह के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
GST से 35 हजार करोड़ का आंकड़ा पार
वाणिज्यिक कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में GST से मध्यप्रदेश को 35,873 करोड़ रुपये की आय हुई। यह पिछले साल के 33,120 करोड़ रुपये से 2,753 करोड़ रुपये अधिक है, जो 8.31 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी न केवल राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत है, बल्कि करदाताओं के बीच बढ़ती जागरूकता और बेहतर कर संग्रह प्रणाली का भी परिणाम है। विशेषज्ञों का मानना है कि GST के तहत व्यापारियों और उद्यमियों का अनुपालन बढ़ा है, जिसके चलते यह आंकड़ा संभव हो सका।
GST संग्रह में यह वृद्धि मध्यप्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों में हो रहे विकास को भी रेखांकित करती है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में छोटे-बड़े उद्योगों की सक्रियता ने इस संग्रह को बल दिया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर चलाए गए जागरूकता अभियानों और कर चोरी पर सख्ती ने भी इस सफलता में योगदान दिया।
VAT से 19 हजार करोड़ की कमाई
GST के अलावा, मूल्य वर्धित कर (VAT) भी मध्यप्रदेश के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है। इस साल VAT से राज्य को 19,387 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले साल के 17,987 करोड़ रुपये से 7.78 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और कुछ अन्य वस्तुओं पर लगने वाले VAT के बेहतर संग्रह का नतीजा है, जो GST के दायरे से बाहर हैं।
VAT संग्रह में हुई इस बढ़ोतरी को समझने के लिए हमें राज्य की खपत पैटर्न पर नजर डालनी होगी। मध्यप्रदेश में ईंधन की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसके चलते पेट्रोल और डीजल से मिलने वाला VAT राजस्व बढ़ा है। इसके अलावा, शराब की बिक्री से प्राप्त होने वाला कर भी इस आंकड़े में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ता खर्च बढ़ने से VAT संग्रह में यह सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
प्रोफेशनल टैक्स में मामूली बढ़त
प्रोफेशनल टैक्स के मामले में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन स्थिर रहा है। इस साल राज्य को प्रोफेशनल टैक्स से 369 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले साल के 363 करोड़ रुपये से केवल 6 करोड़ रुपये अधिक है। यह 1.8 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्शाता है। यह कर मुख्य रूप से नौकरीपेशा लोगों और पेशेवरों से लिया जाता है, और इसमें बड़ी बढ़ोतरी न होना यह संकेत देता है कि इस क्षेत्र में करदाताओं की संख्या या आय में कोई खास बदलाव नहीं आया। हालांकि, यह स्थिरता भी अपने आप में एक सकारात्मक पहलू है, क्योंकि यह दर्शाता है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ।
कुल राजस्व में 8% की वृद्धि
इन तीनों प्रमुख कर स्रोतों – GST, VAT और प्रोफेशनल टैक्स – को मिलाकर मध्यप्रदेश ने इस साल 55,630 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह पिछले साल के 51,470 करोड़ रुपये से 4,160 करोड़ रुपये अधिक है, जो 8.08 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। यह आंकड़ा राज्य सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह न केवल आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद करेगा।
इस राजस्व का उपयोग मध्यप्रदेश सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसी योजनाओं में कर सकती है। साथ ही, यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार को भी यह संदेश देती है कि मध्यप्रदेश अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है।
केंद्र के आंकड़े: 45 हजार करोड़ का GST संग्रह
केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों ने मध्यप्रदेश के GST संग्रह की एक और तस्वीर पेश की है। इसके अनुसार, राज्य से कुल 45,072 करोड़ रुपये का GST संग्रह हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 6.9 प्रतिशत अधिक है। इसमें केंद्रीय GST (CGST), राज्य GST (SGST), एकीकृत GST (IGST) और उपकर (Cess) शामिल हैं। आइए, इसे विस्तार से देखें:
- केंद्रीय GST (CGST): इस साल CGST से 23,016 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 3.2 प्रतिशत अधिक है। इसमें 2,28,688 रजिस्टर्ड करदाताओं ने योगदान दिया।
- राज्य GST (SGST): SGST से 22,056 करोड़ रुपये जमा हुए, जो पिछले साल से 11 प्रतिशत ज्यादा है। इसके लिए 3,37,461 करदाताओं ने टैक्स भरा।
- IGST और Cess: एकीकृत GST से 11,823 करोड़ रुपये और उपकर से 7,941 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में 5,66,149 रजिस्टर्ड करदाताओं ने इस संग्रह में योगदान दिया। SGST में 11 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि राज्य स्तर पर कर संग्रह की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक प्रभावी हुई है। वहीं, CGST में मामूली बढ़ोतरी केंद्र सरकार के लिए भी सकारात्मक संकेत है।
आर्थिक विकास का संकेत
इन आंकड़ों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है। GST और VAT संग्रह में वृद्धि से पता चलता है कि राज्य में व्यापार, उद्योग और उपभोग सभी क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। विशेष रूप से इंदौर जैसे औद्योगिक केंद्रों ने इस वृद्धि में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में भी खपत बढ़ने से VAT संग्रह को बल मिला है।
राज्य सरकार के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वह इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं में करे। सड़कों का निर्माण, स्कूलों और अस्पतालों का विस्तार, और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार इस राजस्व से संभव हो सकता है। साथ ही, करदाताओं की बढ़ती संख्या यह भी दर्शाती है कि लोग सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रहे हैं और कर अनुपालन में सहयोग दे रहे हैं।
चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि यह आंकड़े सकारात्मक हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं। प्रोफेशनल टैक्स में मामूली वृद्धि यह संकेत देती है कि नौकरीपेशा वर्ग की आय में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इसके लिए सरकार को रोजगार सृजन पर अधिक ध्यान देना होगा। साथ ही, GST और VAT संग्रह को और बढ़ाने के लिए कर चोरी पर और सख्ती बरतने की जरूरत है।
भविष्य में मध्यप्रदेश को अपने औद्योगिक आधार को और मजबूत करना होगा। छोटे और मझोले उद्यमों को प्रोत्साहन देना, कर प्रक्रिया को और सरल बनाना, और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कर संग्रह को बढ़ाना कुछ ऐसे कदम हो सकते हैं जो राज्य को और ऊंचाइयों तक ले जाएं।
मध्यप्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर संग्रह के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। GST से 35,873 करोड़, VAT से 19,387 करोड़ और प्रोफेशनल टैक्स से 369 करोड़ रुपये की कमाई के साथ कुल 55,630 करोड़ रुपये का राजस्व इस बात का प्रमाण है कि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। केंद्र के आंकड़ों में 45,072 करोड़ रुपये का GST संग्रह भी इस सफलता को और पुख्ता करता है। यह न केवल सरकार की नीतियों की जीत है, बल्कि मध्यप्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और करदाताओं के सहयोग का भी परिणाम है। आने वाले वर्षों में इस गति को बनाए रखना राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन मौजूदा आंकड़े भविष्य के लिए एक मजबूत नींव जरूर तैयार करते हैं। GST Revenue Madhya Pradesh
यह भी पढ़े….
टैटू से जुड़े 5 बड़े मिथक और उनकी सच्चाई – पूरी जानकारी