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RBI के रेपो रेट कट से होम लोन EMI में कितनी कमी आएगी?

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RBI के रेपो रेट कट से होम लोन EMI में कितनी कमी आएगी?

Home Loan Rates Fall | नमस्कार! आज (5 दिसंबर 2025) RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कटौती की है, जिससे यह 5.50% से घटकर 5.25% हो गया है। यह 2025 में RBI की चौथी कटौती है (फरवरी और अप्रैल में 25-25 bps, जून में 50 bps, और अब दिसंबर में 25 bps), यानी कुल 125 bps की कमी। इससे होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन जैसी फ्लोटिंग रेट लोन पर EMI (Equated Monthly Installment) में राहत मिलेगी।

यह कटौती इकोनॉमी को बूस्ट देने के लिए है, क्योंकि इन्फ्लेशन 0.25% तक गिर चुका है और GDP ग्रोथ 8.2% पर मजबूत है। लेकिन बैंकों को यह लाभ पास-ऑन करने में 1-2 महीने लग सकते हैं। आइए, विस्तार से समझते हैं कि आपकी EMI कितनी कम हो सकती है।

1. कितनी कमी आएगी होम लोन रेट में?

  • वर्तमान में कई बैंक (जैसे यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, IOCB) होम लोन 7.35% से शुरू कर रहे हैं।
  • इस कटौती से रेट 7.10% तक गिर सकता है (कुल 125 bps कट के बाद औसतन 0.50-1% की कमी)।
  • NBFC (जैसे श्रीराम फाइनेंस) को तुरंत फायदा, क्योंकि उनकी फंडिंग कॉस्ट कम होगी।
  • नोट: नए लोन लेने वालों को ज्यादा फायदा, लेकिन मौजूदा बॉरोअर्स को भी EMI रीस्ट्रक्चर करने पर राहत मिलेगी। बैंकों को डिपॉजिट रेट्स भी कम करने पड़ सकते हैं, जिससे सेविंग्स पर असर पड़ेगा।

2. EMI में कितनी सेविंग्स? (उदाहरण के साथ)

RBI की कटौती से EMI कम करने के दो ऑप्शन:

  • EMI कम रखें: लोन टेन्योर वही रहेगा, लेकिन मासिक किस्त घटेगी।
  • टेन्योर कम करें: EMI वही रहेगी, लेकिन लोन जल्दी चुक जाएगा (ज्यादा सेविंग्स)।

यहां कुछ कैलकुलेशन हैं (EMI फॉर्मूला: EMI=P×r×(1+r)n(1+r)n−1EMI = P \times r \times \frac{(1+r)^n}{(1+r)^n – 1}, जहां P=प्रिंसिपल, r=मासिक रेट, n=महीनों की संख्या। डेटा विशेषज्ञों के अनुमान पर आधारित)।

लोन अमाउंट टेन्योर पुराना रेट (8.5%) नया रेट (7.25%) पुरानी EMI (₹) नई EMI (₹) मासिक सेविंग्स (₹) कुल ब्याज सेविंग्स (₹, पूरे टेन्योर पर)
₹35 लाख 20 साल 8.5% 7.25% ~28,500 ~26,650 ~850 ~5-6 लाख
₹50 लाख 20 साल 8.5% 7.25% ~41,000 ~37,100 ~3,900 ~9.29 लाख
₹1 करोड़ 15 साल 7.35% 7.10% ~90,000 ~88,560 ~1,440 ~2.5-3 लाख
₹50 लाख 15 साल 9% 7.75% ~54,713 ~47,064 ~7,649 ~7-8 लाख
  • आपके लिए कैलकुलेटर: अगर आपका लोन अलग है, तो SBI या HDFC की EMI कैलकुलेटर पर चेक करें। उदाहरण: ₹50 लाख के 20 साल लोन पर 125 bps कट से मासिक ~₹3,900 की बचत, यानी सालाना ~₹46,800!
  • कुल प्रभाव: 2025 में कुल 125 bps कट से ₹50 लाख लोन पर ~₹9 लाख की लाइफटाइम सेविंग्स। लेकिन अगर टेन्योर कम करें, तो और ज्यादा (जैसे 20 साल का लोन 22 महीने जल्दी चुक सकता है)।

3. एक्सपर्ट्स की राय

  • अंकुर जालान (गोल्डन ग्रोथ फंड CEO): सेवर्स के लिए FD रेट्स कम होंगे, लेकिन अमीर इन्वेस्टर्स रियल एस्टेट AIFs में शिफ्ट करेंगे। इकोनॉमी ग्रोथ बूस्ट होगी।
  • प्रेक्षा सिंह (अग्रशील इंफ्राटेक CEO): रियल एस्टेट के लिए बूस्टर! NRI और ग्लोबल इन्वेस्टर्स को और आकर्षण, EMI कम होने से डिमांड बढ़ेगी।
  • अनुज पुरी (ANAROCK चेयरमैन): हाउसिंग सेल्स 20% गिर चुकी है, लेकिन यह कट अफोर्डेबिलिटी बढ़ाएगा। MMR, NCR जैसे शहरों में प्रीमियम प्रॉपर्टी पर फोकस।
  • अधिल शेट्टी (BankBazaar CEO): मॉडेस्ट लेकिन मीनिंगफुल राहत; ₹50 लाख लोन पर लाइफटाइम ~₹9 लाख सेविंग्स।

4. क्या करें अगला स्टेप?

  • मौजूदा लोन: बैंक से संपर्क करें EMI रीस्ट्रक्चर के लिए (फ्लोटिंग रेट लोन पर ऑटोमैटिक अपडेट)।
  • नया लोन: अभी लें! रेट्स 7.1-7.9% के बीच मिल रहे हैं (SBI: 7.3%, HDFC: 7.9%)।
  • सावधानी: डिपॉजिट रेट्स भी कम हो सकते हैं, तो सेविंग्स को म्यूचुअल फंड्स या रियल एस्टेट में डायवर्सिफाई करें।
  • अन्य लाभ: ऑटो लोन EMI में भी ~₹500-1,000/महीना कम, MSMEs को क्रेडिट आसान।

यह ऐतिहासिक कट (2008 के बाद सबसे ज्यादा) रियल एस्टेट को रिवाइव करेगी।


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