पैकेज्ड वॉटर पर क्यों होती है ‘एक्सपायरी डेट’? बोतलबंद पानी पीना कब बन जाता है जहर?
How long is bottled water safe to drink | क्या पानी भी एक्सपायर होता है? सुनने में अजीब लगता है, लेकिन बाजार की हर बोतल पर लिखी एक्सपायरी डेट कोई मजाक नहीं! शुद्ध पानी भले ही कभी खराब न हो, लेकिन बोतल और स्टोरेज का तरीका इसे खतरनाक बना सकता है। आइए जानते हैं – बोतलबंद पानी पीना कब बन जाता है सेहत का दुश्मन?
रोज हम गटागट पानी पीते हैं, लेकिन क्या कभी सोचा कि वही पानी, अगर गलत तरीके से रखा जाए, तो पेट दर्द, इन्फेक्शन या हार्मोनल डिसबैलेंस का कारण बन सकता है? जी हां, पानी खुद तो नहीं खराब होता, लेकिन बोतल और कीटाणु मिलकर इसे जहर बना देते हैं।
बोतलबंद पानी सच में एक्सपायर होता है?
हां, लेकिन पानी नहीं – बोतल खराब करती है! प्लास्टिक की बोतलों से बिस्फेनॉल-ए (BPA) और एंटिमनी जैसे जहरीले केमिकल्स धीरे-धीरे पानी में घुलते हैं – खासकर धूप या गर्मी में। एक्सपायरी डेट आमतौर पर बॉटलिंग के 2 साल बाद की होती है, क्योंकि इतने समय में प्लास्टिक का रासायनिक असर बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसे पानी पीने से:
हार्मोन असंतुलन
कमजोर इम्युनिटी
पाचन तंत्र की गड़बड़ी
रीयूजेबल बोतल: सुविधा या खतरा?
बार-बार इस्तेमाल करने वाली बोतलें बैक्टीरिया की फैक्ट्री बन जाती हैं!
हर घूंट के साथ मुंह के कीटाणु पानी में पहुंचते हैं
कुछ ही दिनों में बोतल की दीवारों पर बायोफिल्म (चिपचिपी परत) जम जाती है
परिणाम: बदबू, अजीब स्वाद, पेट दर्द, दस्त या गंभीर इन्फेक्शन
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।