इंडिया AI इम्पैक्ट समिट विवाद ने देश की डिजिटल छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक आयोजन के पहले दिन भारी भीड़, लंबी कतारें और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण अफरातफरी का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिभागियों से हुई असुविधा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “पूर्ण कुप्रबंधन” करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
आईटी मंत्री की सफाई और माफी
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पहले दिन 70 हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति रही, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा एआई समिट बताया और कहा कि उत्साह अभूतपूर्व था। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि पहले दिन कुछ प्रतिभागियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे क्षमा प्रार्थी हैं और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए “वॉर रूम” स्थापित किया गया है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में आयोजन और अधिक सुचारु रूप से संचालित होगा।
खड़गे का हमला, बताया ‘अव्यवस्था का प्रतीक’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो आयोजन भारत की डिजिटल और एआई क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन बन सकता था, वह अव्यवस्था का उदाहरण बन गया। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण संस्थापकों, प्रदर्शकों और आगंतुकों को भारी परेशानी हुई। उन्होंने भोजन और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने बेंगलुरु टेक समिट का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार को बड़े आयोजनों के प्रबंधन से सीख लेनी चाहिए।
भीड़, लंबी कतारें और तकनीकी गड़बड़ियां
समिट के उद्घाटन दिवस पर हॉल खचाखच भरे रहे। प्रवेश को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही और मोबाइल डेटा कनेक्टिविटी भी बाधित रही। भारी भीड़ के कारण सुरक्षा जांच में देरी हुई और प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले कुछ प्रदर्शनी स्टॉल अस्थायी रूप से खाली कराए गए। कई प्रतिभागियों ने डिजिटल पंजीकरण प्रणाली में गड़बड़ी की शिकायत भी की।
‘एआई वेयरेबल्स चोरी’ का आरोप
इस बीच, कुछ प्रतिभागियों ने सामान चोरी होने की शिकायत की। नियोसेपियन के सीईओ धनंजय यादव ने दावा किया कि सुरक्षा के बीच उनके एआई वेयरेबल्स गायब हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि उच्च सुरक्षा क्षेत्र में ऐसा कैसे संभव हुआ। रेस्किल के संस्थापक पुनीत जैन ने भी पहले दिन पानी और स्पष्ट निर्देशों की कमी को लेकर नाराजगी जताई, हालांकि दूसरे दिन व्यवस्थाओं में सुधार की बात स्वीकार की। उद्यमी प्रियंशु रत्नाकर ने भी इसे “दिखावा अधिक, निष्पादन कम” बताया।
आयोजकों का आश्वासन
आयोजकों ने कहा कि भीड़ प्रबंधन और समन्वय सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं। दूसरे दिन हालात बेहतर रहे और प्रतिभागियों को सुगम अनुभव देने का प्रयास किया गया। समिट 20 फरवरी तक चलेगा और उम्मीद है कि शेष दिन बिना किसी व्यवधान के संपन्न होंगे।
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