---Advertisement---

भारत में न्यायपालिका संकट: 10 लाख पर सिर्फ 22 न्यायाधीश, सुझाव था 50

---Advertisement---

भारत में न्यायपालिका संकट: 10 लाख पर सिर्फ 22 न्यायाधीश, सुझाव था 50

India Judge Shortage 22 per Million Instead of 50 | केंद्र सरकार ने 29 जनवरी 2026 को राज्यसभा में एक लिखित जानकारी देते हुए बताया कि भारत में प्रति 10 लाख आबादी पर मात्र लगभग 22 न्यायाधीश कार्यरत हैं। जबकि विधि आयोग ने 1987 में अपनी 120वीं रिपोर्ट में इस अनुपात को प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कम से कम 50 न्यायाधीश रखा जाना चाहिए बताया था। आज चार दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद यह लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है, जिससे न्यायपालिका पर बढ़ता बोझ और मामलों की लंबित स्थिति फिर से चर्चा में आ गई है।

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपनी लिखित पेशी में बताया कि न्यायाधीश‑जनसंख्या अनुपात की गणना 2011 की जनगणना डेटा और 2026 में सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों तथा जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या के आधार पर की गई है। इस अनुपात की तुलना विधि आयोग की सिफारिशों से बहुत पीछे है और यह देश में न्यायिक संसाधनों की कमी को रेखांकित करता है।


न्यायपालिका पर बढ़ता दबाव और लंबित मामलों की समस्या

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के नवीनतम आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2023 में देश में 3,89,910 विचाराधीन (undertrial) कैदी जेलों में बंद थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने अधिक अंडरट्रायल कैदियों के पीछे न्यायिक प्रक्रिया में देरी और न्यायाधीशों की कमी जैसे गंभीर कारण हैं।

कानून मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामलों के लंबित रहने के पीछे अनेक कारण हैं — जैसे मामलों की जटिलता, साक्ष्यों का स्वरूप, बार, जांच एजेंसियों, गवाहों और वादियों का सहयोग, साथ ही अधिकारियों और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता शामिल हैं। यही कारण है कि न्यायिक प्रक्रिया अपेक्षित गति से नहीं चल पा रही है।

विश्लेषण बताते हैं कि न्यायपालिका पर बढ़ा काम का बोझ और जजों की कम संख्या न्यायिक तंत्र की क्षमता को प्रभावित कर रही है, और इससे समयबद्ध न्याय मिलने की प्रक्रिया बाधित होती जा रही है।


यह भी पढ़ें….
ई-गवर्नेंस विभाग की पहल: सीहोर में अब तक 1000 कर्मचारियों को मिला एआई टूल्स का प्रशिक्षण

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment