Indian Army: क्या अब सोशल मीडिया पर पूरी तरह बंदिश? जवानों के लिए जारी हुई नई गाइडलाइंस – जानें क्या Allowed और क्या Banned
IndianArmy Social Media Guidelines | 26 दिसंबर 2025: भारतीय सेना ने अपने जवानों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग की नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। Directorate General of Military Intelligence (DGMI) के माध्यम से जारी इस नई गाइडलाइंस का उद्देश्य सुरक्षा, संवेदनशील जानकारी की रक्षा और साइबर खतरों से जवानों को बचाना है, जबकि उन्हें डिजिटल युग में जागरूक रहने की अनुमति भी दी जाए।
यह बदलाव 2020 में लगाए गए सख्त प्रतिबंधों (जिसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 89 ऐप्स बैन थे) के बाद एक संतुलित कदम माना जा रहा है। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में Chanakya Defence Dialogue में कहा था कि आज की पीढ़ी (Gen Z) डिजिटल रूप से जुड़ी हुई है, लेकिन “हम react नहीं करते, respond करते हैं” – यानी impulsive पोस्टिंग से बचना जरूरी है।
मुख्य नियम – क्या Allowed और क्या नहीं?
- इंस्टाग्राम, एक्स (Twitter), यूट्यूब, क्वोरा: केवल देखने (viewing) और मॉनिटरिंग के लिए अनुमति। कमेंट, लाइक, शेयर, पोस्ट या कोई राय व्यक्त नहीं की जा सकती। इसे “passive observers” मोड कहा गया है – सिर्फ जानकारी इकट्ठा करने और फेक न्यूज/भ्रामक सामग्री की पहचान के लिए।
- व्हाट्सएप, टेलीग्राम, स्काइप, सिग्नल: सामान्य और गैर-संवेदनशील (unclassified) जानकारी साझा करने की अनुमति। केवल ज्ञात (known) व्यक्तियों के साथ। गलत व्यक्ति को मैसेज भेजने की जिम्मेदारी यूजर की होगी। कोई भी संवेदनशील/ऑपरेशनल जानकारी शेयर नहीं की जा सकती।
- लिंक्डइन: केवल रिज्यूमे अपलोड करने या नौकरी/प्रोफेशनल जानकारी हासिल करने के लिए। कोई अन्य एक्टिविटी नहीं।
- कंटेंट अपलोड: किसी भी प्लेटफॉर्म पर खुद का कंटेंट (फोटो, वीडियो, पोस्ट) अपलोड करना पूरी तरह प्रतिबंधित।
क्यों जारी की गई ये गाइडलाइंस?
- साइबर खतरों (हनी ट्रैप, डेटा लीक) से सुरक्षा।
- पड़ोसी देशों की एजेंसियां (जैसे ISI) सोशल मीडिया के जरिए जवानों को टारगेट करती हैं।
- जवानों की मानसिक सेहत और परिवार से जुड़ाव बनाए रखना, लेकिन अनुशासन के साथ।
- VPN, टॉरेंट साइट्स, क्रैक्ड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी सख्ती से मना।
ये गाइडलाइंस तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं और सभी रैंक्स पर लागू हैं। सेना का कहना है कि यह कदम जवानों को “डिजिटल जानकारी के युग” में जागरूक रखेगा, बिना सुरक्षा से समझौता किए।
जवान अब इंस्टाग्राम पर रील्स देख सकते हैं, लेकिन पोस्ट या कमेंट नहीं! यह नीति सुरक्षा और जागरूकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है।
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









