इंदौर की राजनीति में इस समय एक बड़ा विवाद सामने आया है जिसने माहौल गरमा दिया है. नगर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में महिलाओं को जगह नहीं मिलने पर अब भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है.
महिलाओं को स्थान नहीं मिलने पर उठा विवाद
हाल ही में इंदौर कांग्रेस की नगर कार्यकारिणी की घोषणा की गई लेकिन इस सूची में किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया. इसी बात को लेकर भाजपा के शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने इसे महिलाओं का अपमान बताया और कांग्रेस की सोच पर सवाल उठाए.
नवरात्र के समय फैसले पर उठे सवाल
सुमित मिश्रा ने कहा कि नवरात्र जैसे पवित्र समय में जब पूरे देश में शक्ति की पूजा की जा रही है तब इस तरह का निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इंदौर देवी अहिल्या की पहचान का शहर है और यहां मातृशक्ति का इस तरह अपमान होना सही नहीं है.
कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाया कि पार्टी महिलाओं के प्रति सम्मान नहीं रखती. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सोच ऐसी ही है तो उसे अपनी महिला इकाई पर भी विचार करना चाहिए. इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है.
पुराने मामलों का भी किया जिक्र
सुमित मिश्रा ने अपने बयान में पुराने विवादों को भी याद दिलाया. उन्होंने कहा कि पहले भी कांग्रेस नेताओं द्वारा महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. साथ ही महिला आरक्षण और अन्य योजनाओं को लेकर भी कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए गए.
चुनावी असर की भी जताई संभावना
उन्होंने दावा किया कि इंदौर की महिलाएं इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करेंगी और आने वाले चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा. उनके अनुसार यह फैसला कांग्रेस की कार्यशैली और सोच को दर्शाता है.
बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
इस पूरे मामले के बाद अब इंदौर की राजनीति में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है. आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.











