मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को लेकर काम तेज हो गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने छोटी खजरानी से नवlakha के आगे तक प्रस्तावित मार्ग के लिए पुराने BRTS कॉरिडोर को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए लगभग 6 किलोमीटर लंबे हिस्से में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि जल्द ही मुख्य निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
प्रारंभिक चरण में पालासिया क्षेत्र के आसपास रात के समय वाहनों की आवाजाही सीमित की जा रही है। इसका उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना है।
इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए तैयार किया जा रहा साइट
अधिकारियों के अनुसार इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के तहत लगभग आधे हिस्से में अस्थायी टीन शीट की दीवार खड़ी कर दी गई है। यह दीवार निर्माण क्षेत्र को अलग करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगाई गई है। हाल ही में नगर निगम ने इस पूरे हिस्से में मौजूद पुराने BRTS कॉरिडोर की ग्रिल्स भी हटा दी हैं।
इसके साथ ही निर्माण क्षेत्र को पूरी तरह बंद करने के लिए मजदूरों ने लोहे के पाइप भी लगाए हैं, जो अस्थायी संरचना को सहारा देंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन तैयारियों के बाद जल्द ही निर्माण कार्य का अगला चरण शुरू हो जाएगा।
मिट्टी परीक्षण और प्रारंभिक निर्माण की तैयारी जारी
इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के तहत वर्तमान में विभाग द्वारा मिट्टी की जांच और साइट की तकनीकी तैयारी की जा रही है। यह प्रक्रिया किसी भी बड़े निर्माण कार्य से पहले की जाने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, ताकि संरचना की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस परियोजना का ठेका पहले ही एक निर्माण कंपनी को दिया जा चुका है। ठेकेदार ने इंदौर में अपना ऑपरेशनल प्लांट भी स्थापित कर लिया है, जिससे निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
यातायात व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शुरू होते ही कॉरिडोर के बीच वाले हिस्से को पूरी तरह से यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए पहले ही मोटर चालकों को सूचना देने वाले बोर्ड भी लगा दिए हैं, ताकि लोग पहले से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकें।
इस बीच इंडस्ट्री हाउस चौराहे से लेकर LIG चौराहे तक पहले लगाए गए पुराने लॉलिपॉप साइन बोर्ड अब हटाकर एक जगह इकट्ठा कर दिए गए हैं। यह सामग्री फिलहाल स्क्रैप के रूप में पड़ी हुई है।
शहर के ट्रैफिक सिस्टम को मिलेगी नई दिशा
इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को शहर के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से छोटी खजरानी से नवlakha तक यात्रा समय कम होगा और शहर के यातायात प्रबंधन में भी सुधार आएगा। इससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
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