इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील को भी इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही बड़नगर के समग्र विकास के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये की विशेष राशि भी प्रदान की जाएगी। इस घोषणा के बाद क्षेत्र के विकास को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
दरअसल, बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के लोग शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। यहां उन्होंने नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और साफा पहनाकर उनका सम्मान किया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में शामिल होगा बड़नगर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बड़नगर को इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में शामिल करने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बड़नगर अब तीन प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है। इनमें नया दो लेन का मार्ग गंभीर डैम के पास से नागदा होते हुए रतलाम तक जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग का निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। इस नई सड़क के बनने से रतलाम की दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
सड़क निर्माण से बढ़ेगा क्षेत्रीय विकास
इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विस्तार के साथ सड़क संपर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में बनने वाले विमानतल का लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आने वाले समय में रतलाम के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि सड़कें विकास का आधार होती हैं और इन सड़कों के बनने से बड़नगर सहित पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के नए अवसर खुलेंगे। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयार योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्य रूप से बदनावर-बड़नगर मार्ग का उपयोग करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 किलोमीटर है।
नए वैकल्पिक मार्ग की लंबाई लगभग 74 किलोमीटर होगी। इससे यात्रा की दूरी और समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा और श्रद्धालुओं को सिंहस्थ के दौरान आवागमन में सुविधा मिलेगी।
व्यायामशालाओं और गोशालाओं को भी मिलेगी सहायता
इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों के साथ मुख्यमंत्री ने स्थानीय संस्थाओं के लिए भी सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की व्यायामशालाओं को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा गोशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विस्तार के इस फैसले को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उज्जैन और बड़नगर क्षेत्र की कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिल सकती है।
read also: यामी गौतम ने कृति सेनन विवाद पर तोड़ी चुप्पी, कहा लाइक गलती से हो गया









