ईरान पर हमला को लेकर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के पहले 24 घंटों का वीडियो जारी करते हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। इस ईरान पर हमला में कथित रूप से सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि पूर्व चेतावनी के बाद निर्णायक कार्रवाई की गई।
ईरान पर हमला और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का दावा
CENTCOM ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ईरानी शासन को चेतावनी दी गई थी और अब निर्देशानुसार त्वरित व निर्णायक कदम उठाए गए हैं। जारी वीडियो में हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) की तैनाती दिखाई गई।
ईरान पर हमला के दौरान उन्नत हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, F/A-18 और F-35 जैसे लड़ाकू विमान शामिल बताए गए। साथ ही LUCAS वन-वे अटैक ड्रोन के उपयोग का भी दावा किया गया।
वैश्विक असर और बढ़ता तनाव
ईरान पर हमला के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय संघर्ष को व्यापक रूप दे सकती है।
अमेरिका की ओर से इसे ‘साहसिक कदम’ बताया गया, जबकि ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में ईरान पर हमला का वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजारों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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