जम्मू-कश्मीर: रियासी के महोर में भूस्खलन से एक परिवार के सात लोग लापता, रामबन में बादल फटने से तीन की मौत
J&K Landslide and Cloudburst Report | जम्मू-कश्मीर के रियासी और रामबन जिलों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। रियासी जिले के महोर क्षेत्र में शनिवार को भूस्खलन के कारण एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसमें एक परिवार के सात सदस्य लापता हो गए और उनकी मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। वहीं, रामबन के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से हुए फ्लैश फ्लड में तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हैं। इन आपदाओं ने सड़कों, घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण बचाव कार्यों में चुनौतियां आ रही हैं। J&K Landslide and Cloudburst Report
रियासी के महोर में भूस्खलन: सात लोग लापता
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के महोर क्षेत्र के बड्डर गाँव में शनिवार को भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने एक परिवार के मकान को पूरी तरह नष्ट कर दिया। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, इस हादसे में नजीर अहमद, उनकी पत्नी, और उनके पांच नाबालिग बेटों सहित परिवार के सात सदस्य लापता हैं, और उनकी मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। भूस्खलन ने गाँव में कई मकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है।
रियासी जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। स्थानीय पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें लापता लोगों को खोजने में जुटी हैं। हालांकि, क्षतिग्रस्त सड़कों और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। कुछ क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे हुए लोगों को निकाला जा रहा है। J&K Landslide and Cloudburst Report
रामबन में बादल फटने से फ्लैश फ्लड
शनिवार तड़के रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, और दो अन्य लोग लापता हैं। बादल फटने से हुए फ्लैश फ्लड ने कई घरों, सड़कों, और वाहनों को बहा दिया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर भूस्खलन और मलबे के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
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रामबन के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन और NDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा, “NH-44 पर कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन हम इसे जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। मुगल रोड पर भी मलबा हटाने का काम शुरू हो गया है, और आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है।”
भारी बारिश का कहर: प्रशासन का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में तबाही मचाई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू, रियासी, उधमपुर, सांबा, कठुआ, और रामबन जैसे जिलों में भारी बारिश और बादल फटने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की संभावना जताई है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों को नदियों, नालों, और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। कठुआ, रामबन, और किश्तवाड़ के उपायुक्तों ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने और आपातकालीन आपूर्ति तैयार रखने को कहा है।
केंद्रीय और राज्य सरकार का हस्तक्षेप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा है। उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, “यह त्रासदी हृदयविदारक है। सेना, NDRF, SDRF, पुलिस, और सिविल प्रशासन मिलकर राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को तत्काल चिकित्सा और अन्य सहायता प्रदान की जा रही है।”
बारिश से बुनियादी ढांचे को नुकसान
भारी बारिश और भूस्खलन ने जम्मू-कश्मीर में सड़कों, पुलों, और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगहों पर मलबा और भूस्खलन के कारण यातायात बाधित है। कठुआ में रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है, और कठुआ-बुधी के बीच रेलवे ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बादल फटने, और भूस्खलन की घटनाओं ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। रियासी और रामबन में हुए हादसों ने एक बार फिर प्राकृतिकआपदाओं के प्रति क्षेत्र की संवेदनशीलता को उजागर किया है। प्रशासन और बचाव दल पूरी तरह से राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन मौसम की प्रतिकूलता और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं। स्थानीयलोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसमविभाग की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। J&K Landslide and Cloudburst Report
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।