बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि की घोषणा की है। इस नई योजना के तहत राज्य के पात्र किसानों को सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। पहले से चल रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को केंद्र सरकार की ओर से 6,000 रुपये मिलते हैं। अब राज्य सरकार की इस पहल के बाद बिहार के किसानों को कुल मिलाकर सालाना 9,000 रुपये की सम्मान राशि प्राप्त होगी। इससे न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि खेती से जुड़ी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
पीएम किसान सम्मान निधि का प्रावधान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। अब तक इस योजना की 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं और 22वीं किस्त का किसानों को इंतजार है। इस बीच बिहार सरकार ने अपने बजट में कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि को शामिल कर किसानों को बड़ी राहत दी है।
कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि की शुरुआत क्यों
नीतीश कुमार सरकार का कहना है कि यह योजना बिहार के किसानों की आय में इजाफा करने और खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के लागू होने के बाद किसानों को मिलने वाली तीनों किस्तें अब 2,000 रुपये की बजाय 3,000 रुपये की होंगी। यानी किसान साल में तीन बार 3,000-3,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त करेंगे।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से मिलेगा पैसा
कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि की राशि भी अन्य सरकारी योजनाओं की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त सहायता से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। चौथे कृषि रोडमैप के तहत खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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