लव मैरिज से नाराज पिता ने बेटी को मृत मानकर कराया गोरनी कार्यक्रम (Gorni Ceremony), शोक पत्रिका हुई वायरल

लव मैरिज से नाराज पिता ने बेटी को मृत मानकर कराया गोरनी कार्यक्रम (Gorni Ceremony), शोक पत्रिका हुई वायरल

Khachroad News | खाचरोद थाना क्षेत्र (Khachrod Police Station Area) में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी बेटी के अंतरजातीय विवाह (Intercaste Marriage) से नाराज होकर उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बाकायदा शोक पत्रिका (Obituary Notice) छपवाई, गोरनी कार्यक्रम (Gorni Ceremony) आयोजित किया और बेटी की तस्वीर पर माला चढ़ाकर अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक कर्मकांड भी किए। Khachroad News

प्रेम विवाह के कारण नाराज हुए पिता

ग्राम गुड़ावन (Gudawan) निवासी वर्दीराम गरगामा (Vardiram Gargama) की पुत्री मेघा गरगामा (Megha Gargama) कुछ दिनों पहले अचानक गायब हो गई थी। परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि मेघा लापता नहीं हुई थी, बल्कि उसने अपने प्रेमी दीपक बैरागी (Deepak Bairagi) (निवासी घिनोदा (Ghinoda)) से शादी कर ली थी।

थाने में माता-पिता को पहचानने से इनकार

जब पुलिस ने मेघा को खोजकर थाने बुलाया, तो परिजनों की उम्मीद थी कि वह उनके साथ घर लौट आएगी। लेकिन मामला तब और गंभीर हो गया जब मेघा ने अपने माता-पिता को पहचानने से इनकार कर दिया। उसने अपने प्रेमी दीपक का हाथ थामा और उसके साथ जाने का फैसला किया।
क्योंकि मेघा बालिग (Adult) थी, इसलिए पुलिस इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकी और उसके माता-पिता को खाली हाथ लौटना पड़ा।

बेटी के फैसले से टूटा परिवार, उठाया अनोखा कदम

बेटी के इस निर्णय से आहत पिता वर्दीराम गरगामा ने समाज के सामने बेटी को मृत मान लिया। उन्होंने बाकायदा शोक पत्रिका (Obituary Notice) छपवाकर समाज के लोगों को गोरनी कार्यक्रम (Gorni Ceremony) में आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम में मेघा की तस्वीर पर माला चढ़ाई गई, परिवार ने मुंडन (Mundan) और पिंडदान (Pinddaan) जैसे अंतिम संस्कार के कर्मकांड भी किए।

शोक पत्रिका सोशल मीडिया पर हुई वायरल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब शोक पत्रिका लोगों के हाथों में पहुंची, तो हर कोई हैरान रह गया। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक पिता अपनी बेटी के प्रेम विवाह (Love Marriage) से इतने आहत हो सकते हैं कि उसे मृत मानकर अंतिम संस्कार तक कर दें।
कुछ ही समय में इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया तक पहुंच गई। लोगों ने इस खबर को विभिन्न प्लेटफार्म्स पर शेयर करना शुरू कर दिया। जल्द ही यह मामला वायरल हो गया और अंतरजातीय विवाह (Intercaste Marriage) के विरोध का एक अनोखा उदाहरण बन गया।

समाज में गूंज उठा विवाद

इस घटना के बाद समाज दो हिस्सों में बंट गया। कुछ लोग पिता के कदम को सही ठहरा रहे थे, तो कुछ इसे जातिवाद (Casteism) की जड़ें मजबूत करने वाला कदम बता रहे थे। समाज में इस विषय पर बहस शुरू हो गई कि क्या आज के दौर में भी अंतरजातीय विवाह (Intercaste Marriage) को लेकर इतनी कट्टरता सही है?

कानूनी नजरिया और सामाजिक प्रभाव

कानूनी रूप से देखें तो मेघा एक बालिग लड़की (Adult Woman) है और उसे अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार है। लेकिन भारत में अभी भी कई परिवार अंतरजातीय विवाह (Intercaste Marriage) को स्वीकार नहीं करते और इस तरह के कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। Khachroad News


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