मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शनिवार को बोत्सवाना से आए 9 नए चीते पहुंचने के साथ ही वन्यजीव संरक्षण अभियान को बड़ी मजबूती मिली है। करीब 7 हजार किलोमीटर से अधिक की लंबी यात्रा पूरी करने के बाद इन चीतों को विशेष क्वारंटीन बाड़ों में रखा गया है। इस नए आगमन के बाद कूनो नेशनल पार्क में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है।
कूनो नेशनल पार्क में तीसरी विदेशी खेप का आगमन
कूनो नेशनल पार्क ने विदेशी धरती से चीतों की यह तीसरी खेप स्वीकार की है। इससे पहले 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे, जिसने देश में चीता पुनर्स्थापन परियोजना की ऐतिहासिक शुरुआत की थी। बाद में दक्षिण अफ्रीका से भी चीते लाए गए। अब पहली बार बोत्सवाना से 9 चीतों का समूह कूनो नेशनल पार्क पहुंचा है।
इन 9 चीतों में 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई खेप से कूनो नेशनल पार्क में लैंगिक संतुलन बेहतर होगा और भविष्य में प्रजनन की संभावनाएं मजबूत होंगी।
7.6 हजार किलोमीटर की लंबी यात्रा
बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क तक चीतों ने लगभग 7.6 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। करीब 12 घंटे की हवाई यात्रा के बाद वे पहले ग्वालियर स्थित वायुसेना स्टेशन पर उतरे। वहां से भारतीय वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों के जरिए उन्हें कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया।
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से एक-एक कर क्रेट का हैंडल घुमाकर चीतों को विशेष क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा। सभी 9 चीते लगभग एक महीने तक विशेषज्ञों की निगरानी में क्वारंटीन में रहेंगे।
जीन विविधता को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का कहना है कि नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से आए चीतों के कारण कूनो नेशनल पार्क में जीन विविधता बढ़ेगी। इससे प्रोजेक्ट चीता की दीर्घकालिक सफलता की संभावना मजबूत होगी। अलग-अलग देशों से आए चीतों का आनुवंशिक मिश्रण भविष्य में स्वस्थ और स्थायी आबादी विकसित करने में मदद करेगा।
इसी सप्ताह कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है। गहन निगरानी के बाद चौथे शावक की पुष्टि हुई। सभी शावक फिलहाल स्वस्थ बताए जा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रोजेक्ट चीता के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा
चीतों के नए आगमन के बाद कूनो नेशनल पार्क में 18 वयस्क मादा और 16 वयस्क नर चीते मौजूद हैं। शेष संख्या में शावक शामिल हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि बोत्सवाना से आए चीतों का आगमन भारत के चीता पुनर्स्थापन अभियान के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम है।
कूनो नेशनल पार्क अब वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण के मॉडल के रूप में उभर रहा है। सरकार और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि यह परियोजना न केवल भारत में चीतों की स्थायी आबादी स्थापित करेगी, बल्कि जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करेगी।
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