लेबनान में इजरायली हमला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बन गया है। दक्षिणी लेबनान के एक स्वास्थ्य केंद्र पर हुए एयरस्ट्राइक में 12 मेडिकल कर्मियों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस हमले में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और नर्स शामिल थे, जो ड्यूटी पर तैनात थे। क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते सैन्य हमलों ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है।
लेबनान में इजरायली हमला: स्वास्थ्य केंद्र बना निशाना
लेबनान में इजरायली हमला शुक्रवार देर रात बिंट ज्बेल जिले के बुर्ज क़लाउइया गांव में हुआ। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हमले में चिकित्सा केंद्र को निशाना बनाया गया, जिससे कई स्वास्थ्यकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई।
मंत्रालय के अनुसार यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ है, क्योंकि युद्ध के दौरान चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को निशाना बनाना प्रतिबंधित माना जाता है।
दक्षिणी लेबनान में लगातार बढ़ रहा संघर्ष
लेबनान में इजरायली हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च की शुरुआत से इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है।
अब तक लेबनान में 773 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 18 पैरामेडिक्स भी शामिल हैं। राहत और बचाव टीमें अभी भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।
एक ही दिन में स्वास्थ्य क्षेत्र पर दूसरा हमला
लेबनान में इजरायली हमला स्वास्थ्य क्षेत्र पर दूसरा हमला बताया जा रहा है। इससे कुछ घंटे पहले दक्षिणी गांव सुवानेह में एक अन्य एयरस्ट्राइक में दो पैरामेडिक्स की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है और इससे मानवीय संकट और गहरा सकता है।
हिज़्बुल्लाह ने भी किए जवाबी हमले
लेबनान में इजरायली हमला के बाद हिज़्बुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। संगठन ने कहा कि उसने उत्तरी इजरायल के यारा शहर में तैनात इजरायली सैनिकों पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया।
इसके अलावा दक्षिणी लेबनान के कफर किला और खियाम इलाके में इजरायली सेना के ठिकानों पर रॉकेट दागे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
युद्ध रोकने की अपील
लेबनान में इजरायली हमला के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने युद्धविराम की अपील की है। उन्होंने कहा कि लेबनान नेतृत्व इजरायल के साथ बातचीत के लिए तैयार है और दोनों पक्षों को संघर्ष रोकने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
मैक्रों ने कहा कि अगर जल्द ही शांति की दिशा में प्रयास नहीं किए गए तो लेबनान में स्थिति और अधिक अराजक हो सकती है।
ईरान के मिसाइल हमलों से इजरायल में नुकसान
इस बीच क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इजरायल के उत्तरी हिस्से पर मिसाइल और रॉकेट हमले किए, जिससे कई स्थानों पर नुकसान हुआ।
इन हमलों में क्लस्टर मिसाइलों का इस्तेमाल होने की भी जानकारी सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार इन मिसाइलों के छोटे-छोटे विस्फोटक बड़े क्षेत्र में फैलते हैं, जिससे भारी नुकसान हो सकता है।
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