फोन चोरी या गुम हो जाए तो कैसे ट्रैक करें? ये आसान तरीके आएंगे काम
Lost Phone Tracking | फोन गुम हो जाए तो घबराएं नहीं। डुप्लिकेट सिम लें, पुलिस में FIR दर्ज कराएं और Sanchar Saathi पोर्टल पर CEIR के जरिए IMEI ब्लॉक कर ट्रैकिंग शुरू करें।
फोन आज लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। अगर कहीं चोरी हो जाए या गुम हो जाए तो बड़ी परेशानी हो जाती है। लेकिन अब भारत सरकार के Sanchar Saathi पोर्टल की मदद से खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक करना, ट्रैक करना और रिकवर कराना आसान हो गया है। इस पोर्टल का CEIR (Central Equipment Identity Register) सिस्टम लाखों डिवाइस को ट्रेस करने में सफल रहा है। नवंबर 2025 तक इससे 7 लाख से ज्यादा फोन रिकवर हो चुके हैं, जिनमें अकेले अक्टूबर 2025 में 50,000 से अधिक फोन वापस मिले।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जैसे ही खोया फोन किसी नेटवर्क पर एक्टिव होता है, सिस्टम अलर्ट कैच कर लेता है और लोकेशन की जानकारी पुलिस को मिल जाती है। इससे फोन वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं स्टेप बाय स्टेप कैसे इस्तेमाल करें इस सुविधा को।
खोया फोन ट्रैक और ब्लॉक करने के आसान स्टेप्स
फोन गुम होने पर सबसे पहले शांत रहें और तुरंत एक्शन लें:
- डुप्लिकेट सिम लें: अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से खोए नंबर की डुप्लिकेट सिम प्राप्त करें। यह आगे वेरिफिकेशन के लिए जरूरी होगी।
- पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं: नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं या ऑनलाइन FIR दर्ज करें। IMEI नंबर, फोन का मॉडल, खोने की जगह और तारीख की डिटेल्स दें। FIR की कॉपी जरूर रखें।
- Sanchar Saathi पोर्टल पर जाएं: वेबसाइट www.sancharsaathi.gov.in पर जाएं या Sanchar Saathi ऐप डाउनलोड करें।
- CEIR सेक्शन चुनें: होमपेज पर ‘Citizen Centric Services’ में ‘Block Your Lost/Stolen Mobile Handset’ चुनें।
- डिटेल्स भरें: फोन नंबर, IMEI नंबर (बॉक्स या *#06# डायल करके पता करें), FIR डिटेल्स, आईडेंटी प्रूफ (जैसे आधार), बिल की कॉपी और दूसरा कॉन्टैक्ट नंबर अपलोड करें।
- सबमिट करें: रिक्वेस्ट सबमिट करते ही सिस्टम पुलिस, साइबर क्राइम यूनिट और टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अलर्ट भेज देगा। फोन ब्लॉक हो जाएगा और अगर यह किसी सिम से कनेक्ट होता है तो लोकेशन ट्रेस होगी।
- स्टेटस चेक करें: रिक्वेस्ट आईडी से पोर्टल पर स्टेटस ट्रैक करें। रिकवरी की जानकारी पुलिस के जरिए मिलेगी।
जल्द रिपोर्ट करना क्यों है जरूरी?
C-DOT के अनुसार, जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, उतनी ही जल्दी ट्रैकिंग संभव है। चोरी के फोन अक्सर तुरंत बेचे जाते हैं या दूसरे राज्य/देश भेज दिए जाते हैं। समय पर ब्लॉक करने से फोन बेकार हो जाता है और चोर इसे ऑन करने पर पकड़ा जा सकता है। यही वजह है कि Sanchar Saathi से रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है – हर मिनट एक फोन रिकवर हो रहा है!
यह पोर्टल न सिर्फ फोन बचाता है बल्कि डेटा मिसयूज और फ्रॉड से भी सुरक्षा देता है। हर स्मार्टफोन यूजर को इसका इस्तेमाल करना चाहिए। अगर फोन मिल जाए तो पोर्टल से ही अनब्लॉक कर सकते हैं।
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









