महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई के तहत प्रशासन ने आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की। खिरहनी स्थित रपटा नाला क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर अवैध बाउंड्रीवाल को तोड़ना शुरू किया। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही और पहले दिन करीब 3 मीटर चौड़ी व 100 मीटर लंबी दीवार का आधा हिस्सा हटाया गया।
महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई में दो महीने की देरी के बाद हुई शुरुआत
महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई उस मामले में हुई है, जिसमें कलेक्टर न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद करीब दो महीने तक कार्रवाई लंबित रही थी। संबंधित विभागों पर फाइल दबाने के आरोप लगे, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
मामला सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अब इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नाले के प्राकृतिक प्रवाह को रोकने पर हुआ एक्शन
महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई का मुख्य कारण नाले के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा डालना था। जानकारी के अनुसार, बिल्डर प्रवीण बजाज उर्फ पप्पू द्वारा अवैध बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया था, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही थी।
इस अवैध निर्माण के चलते आसपास के क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बढ़ गया था। लंबे समय तक प्रशासन की चुप्पी ने स्थिति को गंभीर बना दिया, लेकिन अब सख्त कदम उठाए गए हैं।
प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल रहा तैनात
महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में तहसीलदार अजीत तिवारी और संदीप सिंह सहित राजस्व अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। नगर निगम की टीम ने जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से अवैध निर्माण हटाया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एनकेजे थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकारी जमीन को निजी दिखाने की जांच शुरू
महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक गंभीर मामला भी सामने आया है। वर्ष 1907-08 के अभिलेख में खसरा नंबर 442 को शासकीय नाला और पानी मद में दर्ज किया गया था, लेकिन इसके बावजूद इस जमीन को निजी नाम पर दर्ज कर निर्माण किया गया।
कलेक्टर न्यायालय ने इस पूरे मामले की जांच 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर हो सकती है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी
महाकाल मंदिर बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि न केवल अवैध निर्माण पूरी तरह हटाए जाएंगे, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल रपटा नाला क्षेत्र में कार्रवाई जारी है और प्रशासन इसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाने के मूड में नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जा सकता है।
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