औलाद की चाह में पहुंची महिला से झाड़-फूंक के बहाने दुष्कर्म, आरोपी मुश्ताक फरार, पुलिस कर रही तलाश – ‘तांत्रिक’ बताकर मीडिया पर हिंदू विरोधी छवि गढ़ने का आरोप
Media Blamed for Defaming Hindus as Tantriks | उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नौहझील क्षेत्र में एक शर्मनाक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक मुस्लिम महिला, जो आठ साल से संतान सुख की चाह में थी, ने मुश्ताक अली नामक एक व्यक्ति पर झाड़-फूंक के बहाने दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। हालांकि, इस घटना के बाद कुछ मीडिया हाउसेज द्वारा मुश्ताक अली को ‘तांत्रिक’ बताए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसे कई लोग हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश मान रहे हैं। इस घटना ने न केवल अंधविश्वास के दुष्परिणामों को उजागर किया है, बल्कि मीडिया की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। Media Blamed for Defaming Hindus as Tantriks
आगरा की रहने वाली 35 वर्षीय एक मुस्लिम महिला, जिसकी शादी को आठ साल हो चुके हैं, लेकिन संतान सुख से वंचित थी, को बताया गया कि मथुरा के नौहझील क्षेत्र में बटन वाली गली, मस्जिद के पास रहने वाला मुश्ताक अली संतान प्राप्ति के लिए उपाय कर सकता है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब एक महीने पहले वह अपनी ननद के साथ मुश्ताक के पास गई थी। उसने महिला को हर जुमेरात (गुरुवार) को आने के लिए कहा।
दूसरी बार जब महिला अपने पति के साथ मुश्ताक के पास पहुंची, तो उसने ननद के अलावा किसी और को साथ लाने से मना कर दिया। 21 अगस्त 2025 (गुरुवार) को महिला अपनी ननद के साथ फिर से मुश्ताक के घर गई। वहां मुश्ताक ने उसे एक कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। कमरे में अगरबत्ती जलाकर धुआं फैलाया गया, जिससे महिला अर्ध-बेहोशी की स्थिति में चली गई। इसका फायदा उठाकर मुश्ताक ने करीब एक घंटे तक उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला ने बताया कि उसने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी आवाज दब गई। इसके बाद मुश्ताक ने उसे धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो वह उसकी ननद और पति की हत्या करवा देगा। डर और सदमे की हालत में महिला किसी तरह अपनी ननद के साथ आगरा लौटी और अपने पति को पूरी घटना बताई।
24 अगस्त 2025 (शनिवार) को पीड़िता ने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर मुश्ताक अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है, लेकिन वह अभी फरार है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, और जांच जारी है।
मीडिया पर विवाद: ‘तांत्रिक’ शब्द का दुरुपयोग
इस घटना के बाद कुछ मीडिया हाउसेज ने मुश्ताक अली को ‘तांत्रिक’ के रूप में प्रस्तुत किया, जिसने सोशल मीडिया और समाज में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। कई लोगों और संगठनों ने इसे हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश करार दिया, क्योंकि मुश्ताक अली एक मुस्लिम व्यक्ति है और उसने तंत्र-मंत्र या हिंदू धार्मिक प्रथाओं का उपयोग नहीं किया। X पर कई यूजर्स ने इस मुद्दे को उठाया, जिसमें से कुछ ने लिखा कि “मौलाना या आलिम को तांत्रिक कहकर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।”
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उदाहरण के लिए, एक यूजर ने लिखा, “मुश्ताक अली को तांत्रिक नहीं, मौलाना कहा जाता है। मीडिया द्वारा तांत्रिक शब्द का उपयोग हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश है।” एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “यह कोई तंत्र-मंत्र का मामला नहीं है, फिर भी मीडिया इसे हिंदू प्रथाओं से जोड़कर बदनाम कर रहा है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘तांत्रिक’ शब्द का प्रयोग हिंदू धर्म की तंत्र विद्या से जुड़ा है, जिसमें विशिष्ट धार्मिक और आध्यात्मिक प्रथाएं शामिल होती हैं। इस मामले में, मुश्ताक ने कथित तौर पर केवल धोखाधड़ी और अंधविश्वास का सहारा लिया, जिसमें कोई तांत्रिक प्रथा शामिल नहीं थी। फिर भी, कुछ मीडिया हाउसेज द्वारा इस शब्द का बार-बार उपयोग हिंदू धर्म को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करने के लिए देखा जा रहा है। इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां गैर-हिंदू आरोपियों को तांत्रिक कहकर खबरें प्रकाशित की गई हैं।
सामाजिक और कानूनी प्रतिक्रिया
इस घटना ने नौहझील और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक आक्रोश पैदा किया है। स्थानीय लोग तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के नाम पर होने वाले शोषण को रोकने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की अपील की है। एसपी सुरेश चंद्र रावत ने आश्वासन दिया है कि “अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
महिलाओं की सुरक्षा और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और शिक्षा की कमी के कारण बढ़ रही हैं, और इसे रोकने के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।
अंधविश्वास और शोषण: एक गंभीर सामाजिक समस्या
यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाले शोषण को उजागर करती है। संतान सुख, स्वास्थ्य, या अन्य समस्याओं के समाधान के लिए लोग अक्सर तथाकथित ‘आलिम’, ‘तांत्रिक’, या ‘बाबा’ के पास पहुंचते हैं, जो उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। उत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। उदाहरण के लिए, बदायूं में एक मौलवी पर दरगाह में झाड़-फूंक के बहाने रेप का आरोप लगा था, और बागपत में दो मौलवियों पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था।
ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाएं अक्सर सामाजिक दबाव और डर के कारण चुप रहती हैं, लेकिन इस मामले में पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर शिकायत दर्ज कराई। यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
मथुरा का यह रेप केस न केवल एक महिला के साथ हुए अन्याय की कहानी है, बल्कि यह अंधविश्वास, शोषण, और मीडिया की गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग को भी उजागर करता है। पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है, और उम्मीद है कि आरोपी जल्द ही कानून के शिकंजे में होगा। साथ ही, यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और शिक्षा का प्रसार कितना जरूरी है।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, समाज, और मीडिया को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है। Media Blamed for Defaming Hindus as Tantriks
नोट: यह लेख सामान्यजानकारी और उपलब्धसमाचार स्रोतों पर आधारित है। इस मामले में जांच अभी जारी है, और अंतिम निष्कर्ष के लिए पुलिसजांच और अदालती फैसले का इंतजार करना उचित होगा। Media Blamed for Defaming Hindus as Tantriks
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।