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MH EV Policy Failure: राजीव बजाज का बड़ा बयान, सब्सिडी मॉडल पर उठाए गंभीर सवाल

MH EV Policy Failure: राजीव बजाज का बड़ा बयान, सब्सिडी मॉडल पर उठाए गंभीर सवाल
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MH EV Policy Failure को लेकर बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी का केवल छोटा हिस्सा ही प्राप्त हुआ है, जबकि शेष राशि मिलने की संभावना भी अनिश्चित है। इससे वाहन निर्माताओं के लिए कीमत निर्धारण और उत्पादन योजना बनाना कठिन हो गया है, क्योंकि कई कंपनियां अपनी लागत और कीमतें सरकारी प्रोत्साहनों को ध्यान में रखकर तय करती हैं।

सब्सिडी मॉडल पर उठाए गंभीर सवाल

राजीव बजाज ने MH EV Policy Failure के संदर्भ में कहा कि सब्सिडी पर निर्भरता उद्योग की वास्तविक प्रगति को धीमा कर देती है। उनके अनुसार, जब कंपनियां उत्पाद की गुणवत्ता और नवाचार के बजाय सरकारी सहायता पर निर्भर होती हैं, तो प्रतिस्पर्धा कमजोर हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को पूरी तरह समाप्त करने का समर्थन किया। उनका मानना है कि बिना सब्सिडी के बाजार में केवल मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम कंपनियां ही टिक पाएंगी।

उत्पादन बढ़ाने और PLI योजना से लाभ

बजाज ऑटो ने अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया है। कंपनी वर्तमान में हर महीने लगभग 30,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का उत्पादन कर रही है और अप्रैल तक इसे बढ़ाकर 40,000 यूनिट करने की तैयारी में है। हालांकि राज्य सरकार की सब्सिडी में देरी हुई है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से कंपनी को बड़ा लाभ मिल रहा है। कंपनी को इस योजना के तहत लगभग 1,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जिसमें से 642 करोड़ रुपये पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। यह MH EV Policy Failure के बीच कंपनी के लिए राहत का कारण बना है।

निर्यात और पारंपरिक बाजार में नई चुनौतियां

बजाज ऑटो पारंपरिक पेट्रोल इंजन वाले वाहनों और निर्यात बाजार में भी नई चुनौतियों का सामना कर रही है। निर्यात पर मिलने वाले कर लाभ में 50 प्रतिशत कटौती से मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद कंपनी हर महीने लगभग 2 लाख वाहनों का निर्यात कर रही है और इसे बढ़ाकर 2.5 लाख यूनिट करने की योजना बना रही है। श्रीलंका जैसे बाजारों में बढ़ती मांग कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है।

अंततः, MH EV Policy Failure पर राजीव बजाज का बयान यह संकेत देता है कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग अब सब्सिडी के बजाय तकनीक, उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धा के दम पर आगे बढ़ने की दिशा में बढ़ रहा है।

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