पंचायतों को आत्मनिर्भर-समृद्ध बनाने का मंथन: CM डॉ. मोहन यादव करेंगे तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ, 2000+ प्रतिनिधि होंगे शामिल
MP Panchayat Workshop | भोपाल: मध्य प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय और सामुदायिक स्तर पर मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से भोपाल में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज से शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में इस कार्यशाला और वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस मंथन में 2000 से अधिक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे, जहां उच्च स्तरीय पैनल डिस्कशन के जरिए पंचायतों की चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी।
कार्यशाला का उद्देश्य: आत्मनिर्भर पंचायतों से समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना साकार
संचालक सह आयुक्त पंचायत राज छोटे सिंह ने बताया कि “आत्मनिर्भर पंचायत समृद्ध मध्य प्रदेश” थीम पर केंद्रित यह कार्यशाला 23, 24 और 25 नवंबर को आयोजित होगी। इसका मुख्य फोकस पंचायतों को स्वावलंबी बनाने पर है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल ट्रैकिंग मजबूत हो। त्रि-स्तरीय पंचायतों (जिला, जनपद और ग्राम स्तर) से जुड़े जनप्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। कार्यशाला में मंत्री, अपर मुख्य सचिव, विषय-विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी पैनल डिस्कशन में भाग लेंगे, जो पंचायतों के लिए नीतिगत दिशानिर्देश तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।
तीन दिनों का एजेंडा: इन मुद्दों पर होगा विस्तृत मंथन
कार्यशाला के अलग-अलग सत्रों में पंचायतों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी। यहां प्रमुख टॉपिक्स की झलक:
- स्वनिधि से समृद्धि अभियान: पंचायतों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की अवधारणा और क्रियान्वयन रणनीति।
- शहरीकरण के साथ सामंजस्य: ग्रामीण विकास को शहरी प्रगति से जोड़ने के उपाय।
- वाटरशेड परियोजना और शुद्ध पेयजल: जल संरक्षण, खेत तालाब निर्माण और स्वच्छ जल उपलब्धता पर फोकस।
- स्वच्छ ग्राम अभियान: स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर चर्चा।
- राष्ट्रीय योजनाओं का प्रभावी संचालन: प्रधानमंत्री आवास योजना, जनमन योजना, ग्राम सड़क योजना, पीएम पोषण योजना का समावेशी क्रियान्वयन।
- पेसा ग्राम सभाओं की स्थिति: पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की भूमिका और सफल मॉडल।
- प्रशासनिक सक्षमता: सामाजिक अंकेक्षण, वित्तीय प्रबंधन, मनरेगा, आजीविका मिशन और डिजिटल मॉनिटरिंग पर प्रशिक्षण।
- प्रश्न-उत्तर सत्र: प्रतिभागियों के सुझावों और चुनौतियों पर खुली चर्चा।
ये सत्र न केवल चर्चा तक सीमित रहेंगे, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण और कार्य योजना भी तैयार की जाएगी।
2000+ प्रतिनिधियों की भागीदारी: पंचायती राज के सभी हितधारक एक मंच पर
कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंच, जनपद पंचायत प्रतिनिधि और अन्य राज्य स्तरीय पदाधिकारी शामिल होंगे। कुल 2000 से अधिक लोग इस मंथन का हिस्सा बनेंगे, जो मध्य प्रदेश की 23,000 से अधिक ग्राम पंचायतों की आवाज को मजबूत करेंगे। यह आयोजन पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उत्कृष्ट कार्यों को सम्मान: जल संरक्षण के सितारों पर पुरस्कारों की बौछार
कार्यशाला के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर:
- प्रथम: खंडवा
- द्वितीय: रायसेन
- तृतीय: बालाघाट
खेत तालाब निर्माण में श्रेष्ठ जिले:
- श्रेणी ए: अनूपपुर
- श्रेणी बी: बालाघाट
विकासखंड स्तर पर जनपद पंचायतें:
- श्रेणी ए: बालाघाट जिले की बिरसा जनपद
- श्रेणी बी: अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ जनपद
इसके अलावा, मनरेगा परिषद और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी पुरस्कृत होंगे। प्रमुख नाम:
- राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन: अतिरिक्त संचालक विवेक दवे, टेक्निकल एक्सपर्ट शिल्पी अधोलिया।
- मनरेगा परिषद: सिस्टम एनालिस्ट ओबेस अहमद, अधीक्षण यंत्री सोमन सिंह डाबर, परियोजना अधिकारी आकांक्षा सिंह, सहायक प्रबंधक पियूष प्रताप सिंह, नॉलेज पार्टनर टीम लीड सुमेंद्र पुनिया, जीआईएस मैनेजर राजेंद्र स्वामी, प्रोजेक्ट मैनेजर नुपुन नवानी, परियोजना संचालक स्वा अंशुमन राज।
- एमपीएसईडीसी: हेड डॉ. राकेश दुबे, जनरल मैनेजर जीआईए अशोक पैडी, टेक्निकल लीड पुलकेश दास, एसोसिएट इंजीनियर सागर तंतुवाय।
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ये पुरस्कार न केवल प्रेरणा देंगे, बल्कि अन्य जिलों के लिए बेंचमार्क स्थापित करेंगे।
ग्रामीण भारत की नई दिशा तय करेगी कार्यशाला
यह कार्यशाला पंचायतों को केवल कागजी प्रक्रियाओं से आगे ले जाकर वास्तविक विकास का माध्यम बनाने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल बनेगा। आयोजन से निकले सुझावों को नीतियों में शामिल कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की वेबसाइट देखें।
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










