मध्य प्रदेश में MP पुलिस तबादला सूची को लेकर बड़ी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस महकमे में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के व्यापक फेरबदल की तैयारी पूरी कर ली गई है। कानून-व्यवस्था सुधारने, अपराध नियंत्रण मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक सर्जरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि एसपी से लेकर डीआईजी स्तर तक के अधिकारियों की सूची लगभग तैयार है और विधानसभा सत्र के बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह तक आदेश जारी हो सकते हैं।
एसपी और डीआईजी स्तर तक बदलाव
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 24 आईपीएस और डीआईजी स्तर के अधिकारी इस फेरबदल से प्रभावित हो सकते हैं। जिन अधिकारियों का प्रमोशन हो चुका है लेकिन अब तक नई पदस्थापना नहीं मिली है, उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले भी करीब ढाई साल से लंबित हैं, ऐसे में उन्हें भी नई तैनाती मिलने की संभावना है।
गृह विभाग की पैनी नजर
MP पुलिस तबादला सूची को अंतिम रूप देने से पहले गृह विभाग और स्पेशल डीजी (प्रशासन) द्वारा विस्तृत समीक्षा की गई है। लंबे समय से एक ही जिले, क्रीम विभाग या थाने में जमे अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड का गोपनीय परीक्षण किया गया है। इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर असंतोषजनक कार्यशैली, आमजन से व्यवहार और विभागीय जांच जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
छवि धूमिल करने वालों पर सख्ती
सूत्रों का कहना है कि जिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली से विभाग की छवि प्रभावित हुई है, उन्हें लूप लाइन, पुलिस मुख्यालय या बटालियन में भेजा जा सकता है। इंदौर डीआरपी लाइन में भी कई निरीक्षक लंबे समय से मैदानी ड्यूटी के इंतजार में हैं। राजनीतिक दबाव में पदस्थ कुछ अधिकारियों को भी हटाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, MP पुलिस तबादला सूची प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब सभी की नजर फरवरी के अंतिम सप्ताह पर टिकी है।
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