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धार्मिक पर्यटन से MP-UP को मिलेगा आर्थिक बूस्ट, मोहन यादव का बड़ा ऐलान

धार्मिक पर्यटन से MP-UP को मिलेगा आर्थिक बूस्ट, मोहन यादव का बड़ा ऐलान
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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास का नया मॉडल तैयार करने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 में कहा कि दोनों राज्य मिलकर धार्मिक पर्यटन, ODOP और GI उत्पादों के जरिए नई आर्थिक संभावनाएं तलाशेंगे। धार्मिक पर्यटन को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय की जाएगी।

धार्मिक पर्यटन: MP-UP बनाएंगे मेगा टूरिज्म सर्किट

धार्मिक पर्यटन के तहत दोनों राज्य मिलकर एक विशाल धार्मिक टूरिज्म सर्किट विकसित करने की योजना बना रहे हैं। इसमें काशी, प्रयागराज, अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों को शामिल किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन के इस सर्किट से देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की तैयारी है।

सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास का मॉडल

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि दोनों राज्य ‘विकास के साथ विरासत’ के मंत्र को अपनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इससे न केवल दोनों राज्यों के रिश्ते मजबूत होंगे बल्कि जनकल्याण के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून व्यवस्था और विकास मॉडल की भी सराहना की।

सिम्हस्थ 2028 की तैयारियों को मिलेगा फायदा

धार्मिक पर्यटन के अनुभवों का लाभ उज्जैन में होने वाले सिम्हस्थ 2028 में भी मिलेगा। मोहन यादव ने कहा कि वाराणसी और प्रयागराज कुंभ के आयोजन से सीखे गए प्रबंधन मॉडल का उपयोग सिम्हस्थ में किया जाएगा। इससे भीड़ प्रबंधन और व्यवस्थाएं बेहतर होंगी।

ODOP और GI उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ODOP और GI टैग उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों राज्यों के बीच इस दिशा में समझौता ज्ञापन (MoU) भी साइन किए गए हैं। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा और जल परियोजनाओं पर भी सहयोग

धार्मिक पर्यटन के साथ विकास को गति देने के लिए केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और मुरैना में 2000 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट पर भी काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा और जल व ऊर्जा की समस्या कम होगी।

निवेश और उद्योग को मिलेगी नई दिशा

धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक सहयोग के जरिए निवेश के नए अवसर खुलेंगे। सम्मेलन में MSME, कृषि उत्पाद और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जा सकती है।

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