मुसिरी-चेन्नई रेलवे योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है, जिससे लंबे समय से अटके इस प्रोजेक्ट को नई दिशा मिली है। करीब 350 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेलवे लाइन के अलाइनमेंट को अब स्पष्ट कर दिया गया है, जिससे आगे की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
यह परियोजना तमिलनाडु के कई ऐसे क्षेत्रों को जोड़ने का लक्ष्य रखती है, जहां अब तक रेल कनेक्टिविटी सीमित रही है।
किन-किन शहरों से गुजरेगी नई रेलवे लाइन
मुसिरी-चेन्नई रेलवे लाइन का प्रस्तावित रूट कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों से होकर गुजरेगा। इसमें थुरैयूर, पेरंबलूर, चिन्ना सलेम और कल्लाकुरिची जैसे इलाके शामिल हैं।
इसके बाद यह लाइन तिरुकोयिलुर कॉरिडोर से जुड़ेगी और तिंदिवनम-गिंजी-तिरुवन्नामलाई जैसी प्रस्तावित लाइनों के साथ भी इंटीग्रेट होगी। आगे यह वंदावसी, उथिरामेरूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम होते हुए चेन्नई से जुड़ेगी।
कई रेल कॉरिडोर से होगा कनेक्शन
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यह कई मौजूदा और प्रस्तावित रेलवे कॉरिडोर को आपस में जोड़ेगा। इसमें अरियालुर-पेरंबलूर-नमक्कल लाइन, विल्लुपुरम-कटपड़ी सेक्शन और अन्य महत्वपूर्ण रेल मार्ग शामिल हैं।
इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि माल परिवहन भी अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
अभी किस स्टेज पर है प्रोजेक्ट
यह रेलवे परियोजना फिलहाल सर्वे और व्यवहार्यता अध्ययन के चरण में है। इसके बाद फाइनल लोकेशन सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, अलाइनमेंट स्पष्ट होना इस प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन अभी कई मंजूरी और प्रक्रियाएं बाकी हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह रेलवे प्रोजेक्ट
इस रेलवे लाइन का मुख्य उद्देश्य उन जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अभी तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं है, खासकर पेरंबलूर जैसे क्षेत्रों को।
इसके अलावा, यह नई लाइन चेन्नई तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगी, जिससे मौजूदा रूट पर दबाव कम होगा और यात्रा आसान बनेगी।
कब शुरू हो सकता है काम
फिलहाल यह परियोजना शुरुआती चरण में है, इसलिए इसके निर्माण की समयसीमा तय नहीं हुई है। हालांकि, अलाइनमेंट स्पष्ट होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि आगे की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
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