नैनीताल: दरिंदगी पर फूटा जनसैलाब का गुस्सा, पुलिस से भीषण झड़प, कोर्ट में आरोपी पर हमला, भागे पर्यटक, शहर में तनाव!
nainital news | नैनीताल: उत्तराखंड की शांत वादियों में बसे खूबसूरत पर्यटन शहर नैनीताल में बीते करीब 18 घंटों ने एक भीषण सांप्रदायिक तनाव और आक्रोश का गवाह बनाया। एक मासूम बच्ची से हुई दरिंदगी की खबर फैलते ही शहर सुलग उठा। सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, पुलिस से सीधी झड़पें हुईं, बाजार बंद हो गया, और इस तनावपूर्ण माहौल से खौफजदा होकर पर्यटक अपनी बुकिंग कैंसिल कर शहर छोड़ने लगे।

क्या था मामला? दरिंदगी पर फूटा गुस्सा
यह पूरा मामला बुधवार रात तब सामने आया जब शहर के रुकुट कंपाउंड में एक 12 साल की बालिका से कथित दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली वारदात का पता चला। आरोप ठेकेदार उस्मान पर लगा। खबर जंगल की आग की तरह फैली और लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे आक्रोशित भीड़ सड़कों पर उतर आई। इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने मुस्लिम समुदाय की दुकानों में तोड़फोड़ की और दुकानदारों को दौड़ाकर पीटा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
बृहस्पतिवार की सुबह: बाजार बंद, सड़कों पर उतरे संगठन
बुधवार रात के बवाल के बाद बृहस्पतिवार की सुबह नैनीताल बाजार पूरी तरह से बंद रहा। भाजपा नगर मंडल, रामसेवा दल, बजरंग दल, शिव सेना कार्यकर्ता, व्यापार मंडल और अधिवक्ता सहित विभिन्न संगठन सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शहर में जुलूस निकाला और फिर कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। उनकी मुख्य मांग आरोपी को तुरंत फांसी देने और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की थी।

पुलिस से तीखी झड़पें, तनाव का माहौल
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से कई बार तीखी झड़पें हुईं। गुस्साए लोग आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। एसपी अपराध डॉ. जगदीश चंद्रा और सीओ प्रमोद साह मौके पर मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास करते रहे। विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कमिश्नर दीपक रावत को भी सौंपा। दोपहर करीब ढाई बजे प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने और आरोपी को जेल भेजे जाने के बाद जाकर आंदोलन थमा।
कानूनी कार्रवाई और कोर्ट का ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी ठेकेदार उस्मान के खिलाफ दुष्कर्म, आपराधिक धमकी सहित पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। दुष्कर्म का शिकार हुई बालिका का तीन डॉक्टरों के पैनल से मेडिकल कराया गया और काउंसलिंग के बाद उसके बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए।
गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी उस्मान को हल्द्वानी स्थित पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट परिसर में आरोपी को देखते ही वहां मौजूद अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और वे आरोपी की ओर झपटे। धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच पुलिसकर्मी किसी तरह आरोपी को बचाकर कोर्ट रूम तक ले गए। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान: ‘हल्द्वानी जैसे हालात न हों’
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार रात हुए बवाल का स्वतः संज्ञान लिया। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान जब कुछ अधिवक्ताओं ने इस घटना का उल्लेख किया, तो कोर्ट ने तुरंत संज्ञान लिया।
हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि एक स्थान पर भीड़ एकत्र न होने दी जाए, इंटरनेट मीडिया पर कड़ी नज़र रखी जाए और हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली, रामनगर और कालाढूंगी की ओर से आने वाले वाहनों की चेकिंग की जाए। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि नैनीताल में किसी भी कीमत पर हल्द्वानी जैसे तनावपूर्ण हालात न बनने पाएं।

पर्यटन पर भारी असर: भागे पर्यटक, कैंसिल हुई बुकिंग
नैनीताल में हुए इस उग्र प्रदर्शन और तनाव का सबसे सीधा और नकारात्मक असर शहर के पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है। तनावपूर्ण माहौल से घबराए हुए पर्यटक नैनीताल छोड़कर लौट गए। इसके साथ ही, आगामी दिनों के लिए होटलों और गेस्ट हाउस की सैकड़ों बुकिंग धड़ाधड़ कैंसिल होने लगी हैं। एहतियात के तौर पर गुरुवार को शहर के अधिकतर स्कूल भी बंद रहे।

फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और शहर में पुलिस बल तैनात है। यह घटना शांत नैनीताल पर एक काला धब्बा छोड़ गई है और शहरवासी जल्द से जल्द शांति बहाली और पीड़ित बच्ची के लिए न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।










