पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग से जुड़ी सिवोक-रंगपो रेलवे परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR) और IRCON इंटरनेशनल लिमिटेड ने 12 मार्च को परियोजना की सुरंग संख्या 8 की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इस पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग के पूरा होने के साथ ही परियोजना के तहत प्रस्तावित 14 में से 13 सुरंगों का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है, जिससे इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को बड़ी गति मिली है।
इस परियोजना के पूरा होने से पहाड़ी राज्य सिक्किम पहली बार भारतीय रेलवे नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा, जो क्षेत्रीय विकास और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग परियोजना में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सफलता
पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के.के. शर्मा के अनुसार, यह पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग लगभग 4.148 किलोमीटर लंबी है। इसके साथ ही इसमें 1.010 किलोमीटर का अतिरिक्त एडिट या मार्ग भी बनाया गया है, जो निर्माण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने बताया कि इस पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग का निर्माण अत्यंत चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों में किया गया। यहां कमजोर, टूटे हुए और मौसम से प्रभावित चट्टानी संरचनाओं के बीच काम करना पड़ा। इसके अलावा पहाड़ी इलाके और राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के बेहद करीब होने के कारण निर्माण कार्य के दौरान कई तकनीकी और सुरक्षा चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा।
इन सभी कठिनाइयों के बावजूद इंजीनियरों और परियोजना टीम ने सफलतापूर्वक पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग का ब्रेकथ्रू पूरा किया।
सिवोक-रंगपो रेलवे लाइन से सिक्किम को मिलेगा सीधा रेल संपर्क
सिवोक-रंगपो रेलवे परियोजना को वर्ष 2009 में शुरू किया गया था। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिक्किम को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है। कुल 44.96 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन में से लगभग 41.55 किलोमीटर पश्चिम बंगाल में और 3.41 किलोमीटर सिक्किम में स्थित है।
इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि लगभग 38.623 किलोमीटर यानी करीब 86 प्रतिशत रेलवे ट्रैक सुरंगों के भीतर से गुजरता है। इसके अलावा लगभग 2.24 किलोमीटर हिस्सा बड़े पुलों पर बनाया जा रहा है, जबकि बाकी क्षेत्र स्टेशन यार्ड के रूप में विकसित किया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग नेटवर्क में बन रहे हैं 14 टनल और कई पुल
इस रेलवे परियोजना के तहत कुल 14 पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा 13 बड़े और 10 छोटे पुल भी बनाए जा रहे हैं। परियोजना में पांच प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं, जिनमें सिवोक, रियांग, मेल्ली और रंगपो स्टेशन शामिल हैं, जबकि तीस्ता बाजार में एक अंडरग्राउंड हॉल्ट स्टेशन बनाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 13 सुरंगों में लगभग 32.4 किलोमीटर तक सुरंग की लाइनिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही सुरंगों के अंदर लगभग 21 किलोमीटर तक बैलास्ट-लेस ट्रैक बिछाने का काम भी पूरा कर लिया गया है।
दिसंबर 2027 तक पूरा हो सकता है प्रोजेक्ट
पूर्वोत्तर रेलवे सुरंग से जुड़ी इस परियोजना का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे अधिकारियों का अनुमान है कि सभी निर्माण कार्यों को दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
जब यह परियोजना पूरी हो जाएगी, तब सिक्किम को पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे पर्यटन, व्यापार, परिवहन और रणनीतिक दृष्टि से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
read also: सिकंदराबाद रेलवे ट्रैक हादसे, हर साल 1200 मौतें, लापरवाही और सुरक्षा कमी पर बड़ा सवाल









