एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म को हाल ही में 1.5 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग मिली है, जिससे भारत में नर्सिंग शिक्षा और करियर तैयारी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इंटरएक्टिव मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म में निवेश करने वाली वेंचर कैपिटल फर्म लूमिकाई ने इस निवेश राउंड का नेतृत्व किया है। इस निवेश का उद्देश्य एआई आधारित शिक्षा के जरिए नर्सिंग छात्रों और पेशेवरों को बेहतर अवसर प्रदान करना है।
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म क्या है
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म एक वीडियो-फर्स्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो नर्सिंग से जुड़े प्रवेश परीक्षाओं और वैश्विक हेल्थकेयर करियर की तैयारी में मदद करता है। यह प्लेटफॉर्म परीक्षा के अनुरूप तैयार किए गए वीडियो कंटेंट, व्यक्तिगत अध्ययन योजना और एआई मेंटर के माध्यम से छात्रों को मार्गदर्शन देता है।
भारत में करीब 32 लाख पंजीकृत नर्सें और मिडवाइफ कार्यरत हैं, जबकि हर साल लगभग 2.5 लाख नए नर्सिंग स्नातक इस क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा हर वर्ष करीब 8 लाख उम्मीदवार सरकारी नर्सिंग परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म से बदल रही तैयारी की प्रक्रिया
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म पारंपरिक कोचिंग मॉडल से अलग एक आधुनिक डिजिटल समाधान प्रदान करता है। आमतौर पर नर्सिंग परीक्षाओं की तैयारी ऑफलाइन कोचिंग और पीडीएफ या रिकॉर्डेड लेक्चर पर आधारित होती है।
इसके विपरीत यह प्लेटफॉर्म 1400 घंटे से अधिक का वीडियो कंटेंट, एआई आधारित व्यक्तिगत अध्ययन योजना और परीक्षा डेटा से तैयार प्रश्नों का संग्रह प्रदान करता है। इससे छात्रों को अपनी तैयारी का विश्लेषण करने और बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद मिलती है।
10 महीनों में एक लाख से ज्यादा उपयोगकर्ता
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म ने लॉन्च के केवल 10 महीनों के भीतर ही बड़ी सफलता हासिल की है। वर्तमान में भारत में एक लाख से अधिक नर्सिंग छात्र और पेशेवर इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।
अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 60 लाख मिनट से अधिक वीडियो कंटेंट देखा जा चुका है और करीब 3.1 करोड़ प्रश्न हल किए जा चुके हैं।
एआईएमएस डॉक्टरों ने शुरू किया स्टार्टअप
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म की स्थापना डॉ. प्रिंस कौशिक, डॉ. उत्कर्ष पालीवाल और डॉ. गौरव खुराना ने की है। ये तीनों एआईएमएस जोधपुर के पूर्व छात्र हैं और चिकित्सा क्षेत्र का गहरा अनुभव रखते हैं।
संस्थापकों का मानना है कि एआई आधारित शिक्षा के माध्यम से नर्सों को बेहतर वेतन वाले सरकारी और अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। कई मामलों में इन नौकरियों में मासिक वेतन 1 से 5 लाख रुपये तक हो सकता है।
एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा
एनप्रेप एआई नर्सिंग प्लेटफॉर्म में निवेश करने वाले लूमिकाई के अनुसार, इंटरएक्टिव प्लेटफॉर्म और एआई आधारित लर्निंग भविष्य की शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।
इस निवेश के माध्यम से कंपनी अपनी एआई क्षमताओं को और मजबूत करेगी और भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर नर्सिंग पेशेवरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है।
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