अमेरिका में पेंटागन ओपनएआई डील को लेकर बड़ा राजनीतिक और तकनीकी विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एआई कंपनी एंथ्रोपिक पर प्रतिबंध लगाने के कुछ ही घंटों बाद ओपनएआई ने अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ समझौते की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम ने टेक इंडस्ट्री, वॉशिंगटन और वैश्विक सुरक्षा जगत में नई बहस छेड़ दी है।
पेंटागन ओपनएआई डील पर नई बहस
पेंटागन ओपनएआई डील के तहत ओपनएआई अपने एआई मॉडल अमेरिकी रक्षा विभाग के क्लासिफाइड नेटवर्क में उपलब्ध कराएगा। कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि इस समझौते में सख्त “तकनीकी सुरक्षा उपाय” शामिल किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू स्तर पर सामूहिक निगरानी और पूरी तरह स्वायत्त हथियार प्रणालियों में एआई के इस्तेमाल पर रोक कंपनी के मूल सिद्धांतों का हिस्सा है।
ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मानव जिम्मेदारी के बिना किसी भी घातक निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पेंटागन ओपनएआई डील में ये सुरक्षा शर्तें औपचारिक रूप से शामिल हैं। हालांकि रक्षा विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
ट्रंप का एंथ्रोपिक पर सख्त रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने एंथ्रोपिक की तकनीक के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। ट्रंप ने कहा कि संघीय एजेंसियां तुरंत एंथ्रोपिक के साथ सभी अनुबंध समाप्त करें।
एंथ्रोपिक ने पेंटागन की शर्तों को बिना शर्त स्वीकार करने से इनकार किया था। कंपनी ने साफ कहा कि उसकी क्लॉड एआई तकनीक का उपयोग घरेलू निगरानी या पूरी तरह स्वायत्त हथियारों में नहीं होना चाहिए। इसी के बाद यह टकराव खुलकर सामने आया।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि एंथ्रोपिक सहयोग नहीं करता तो राष्ट्रपति की शक्तियों का उपयोग कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कंपनी को डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के तहत बाध्य किया जा सकता है।
एंथ्रोपिक की कानूनी चुनौती
एंथ्रोपिक ने सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि वह किसी भी “सप्लाई चेन रिस्क” टैग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी। सैन फ्रांसिस्को स्थित इस स्टार्टअप ने बयान में कहा कि सरकार की मांगें खतरनाक मिसाल कायम कर सकती हैं।
कंपनी का तर्क है कि तकनीकी कंपनियों को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि उनकी तकनीक का उपयोग किस सीमा तक किया जाए। एंथ्रोपिक ने दोहराया कि वह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा में सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन अपने नैतिक सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।
टेक उद्योग में बढ़ती एकजुटता
पेंटागन ओपनएआई डील के बीच टेक उद्योग में भी हलचल बढ़ गई है। गूगल डीपमाइंड और ओपनएआई के सैकड़ों कर्मचारियों ने एक खुला पत्र जारी कर कंपनियों से एकजुट रहने की अपील की। पत्र में कहा गया कि कंपनियों को आपसी मतभेद भुलाकर ऐसी किसी भी मांग का विरोध करना चाहिए जो घरेलू निगरानी या स्वायत्त हत्या प्रणालियों को बढ़ावा दे।
डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज़ ने एंथ्रोपिक के रुख की सराहना की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों पर व्यापक निगरानी अस्वीकार्य है। वहीं रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एंथ्रोपिक की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं का सम्मान करना चाहिए।
आगे क्या?
पेंटागन ओपनएआई डील ने यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन का सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में अदालतों, कांग्रेस और टेक कंपनियों के बीच यह बहस और तेज हो सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने दिखा दिया कि एआई के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम और पारदर्शी नीतियां कितनी जरूरी हैं। पेंटागन ओपनएआई डील फिलहाल लागू होने जा रही है, लेकिन इसके राजनीतिक और कानूनी प्रभाव दूरगामी हो सकते हैं।
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