ईपीएफओ ला रहा है UPI बेस्ड PF निकासी सिस्टम, शुरुआत में भीम ऐप से मिलेगी सुविधा, बाद में PhonePe–Google Pay तक विस्तार संभव
PF Withdrawal By UPI | देश के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) पीएफ निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। आने वाले कुछ महीनों में कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट से पैसा निकालने के लिए UPI ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह सुविधा लागू होने के बाद पीएफ से रकम निकालना उतना ही आसान हो जाएगा, जितना आज UPI से किसी को पैसे ट्रांसफर करना।
अब तक पीएफ निकासी को एक लंबी और जटिल प्रक्रिया माना जाता रहा है। फॉर्म भरना, केवाईसी वेरिफिकेशन, क्लेम अप्रूवल और फिर कई दिनों का इंतजार—इन सबके बाद कहीं जाकर पैसा खाते में पहुंचता है। लेकिन नई UPI आधारित व्यवस्था में इस प्रक्रिया को काफी हद तक सरल और तेज बनाने की योजना है।
2–3 महीने में शुरू हो सकती है नई व्यवस्था
ईपीएफओ अधिकारियों के अनुसार, अगले दो से तीन महीनों के भीतर UPI बेस्ड PF विदड्रॉल सिस्टम शुरू किया जा सकता है। इसके लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर तकनीकी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
नई व्यवस्था में पीएफ खाताधारक सीधे UPI ऐप के जरिए निकासी की रिक्वेस्ट डाल सकेंगे। इसके बाद ईपीएफओ का सिस्टम आधार, बैंक अकाउंट और पीएफ खाते से जुड़ी जानकारी को बैकएंड में वेरिफाई करेगा। सभी डिटेल्स सही पाए जाने पर क्लेम को आगे बढ़ा दिया जाएगा।
क्लेम अप्रूव होते ही खाते में पैसा
फिलहाल अगर कोई सदस्य पांच लाख रुपये से कम का ऑनलाइन एडवांस क्लेम करता है, तो भी उसे निपटने में कम से कम तीन कार्यदिवस लग जाते हैं। बड़ी राशि के मामलों में यह समय और बढ़ जाता है।
नई UPI व्यवस्था में बीमारी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसी मान्य कैटेगरी में क्लेम डालते ही सिस्टम तुरंत जांच करेगा। सब कुछ सही होने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से रकम सीधे उसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, जो UPI से लिंक होगा। माना जा रहा है कि अप्रूवल मिलते ही पैसा लगभग तुरंत खाते में दिखाई दे सकता है।
पहले भीम ऐप, बाद में अन्य प्लेटफॉर्म
शुरुआती चरण में पीएफ निकासी की सुविधा केवल भीम (BHIM) ऐप पर उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में पूरी रकम निकालने की अनुमति नहीं होगी, बल्कि एक निश्चित सीमा तय की जाएगी।
यह सीमा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के UPI नियमों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी, ताकि सिस्टम सुरक्षित रहे और किसी तरह का दुरुपयोग न हो। यदि शुरुआती दौर में व्यवस्था सफल रहती है, तो आगे चलकर इसे पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे बड़े UPI प्लेटफॉर्म्स पर भी शुरू किया जा सकता है।
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









