पीएम मोदी कांग्रेस एआई समिट विवाद को लेकर रविवार को बेहद आक्रामक नजर आए। मेरठ में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वैश्विक एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच को अपनी “गंदी और नंगी राजनीति” का अखाड़ा बना दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रतिष्ठा से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला भी है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजनीति का आरोप
Narendra Modi ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई ग्लोबल समिट में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन देश की छवि के खिलाफ था।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस “हर सीमा पार” कर चुकी है और उसका आचरण वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई विपक्षी दलों ने इस घटना की आलोचना कर “सत्य और राष्ट्रीय गौरव” का साथ दिया।
संसद में भी टकराव का जिक्र
पीएम मोदी कांग्रेस एआई समिट विवाद के साथ-साथ संसद में हाल की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने फरवरी में बजट सत्र के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष न तो खुद काम कर पा रहा है और न ही संसद को चलने दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि यदि किसी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है, तो पहले जनता का दिल जीतना जरूरी है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
प्रधानमंत्री के इन बयानों से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस की ओर से अभी इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पीएम मोदी कांग्रेस एआई समिट विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
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