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पंजाब के भोगपुर में मासूमियत की क्रूर हत्या: छह माह की अलीजा को नाना-नानी ने मरोड़ी गर्दन, मां प्रेमी संग फरार

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पंजाब के भोगपुर में मासूमियत की क्रूर हत्या: छह माह की अलीजा को नाना-नानी ने मरोड़ी गर्दन, मां प्रेमी संग फरार

Punjab News | भोगपुर, पंजाब, 19 अगस्त 2025: पंजाब के जालंधर जिले के भोगपुर थाना क्षेत्र के गांव डल्ला में रिश्तों को कलंकित करने और मानवता को शर्मसार करने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। छह माह की मासूम बच्ची अलीजा, जो अपनी मां की ममता के लिए रो रही थी, को उसके नाना-नानी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मार डाला। मां मनिंदर कौर, जो पहले ही तीन शादियां कर चुकी थी, अपनी दुधमुंही बेटी को मायके में छोड़कर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। नाना तरसेम सिंह और नानी दिलजीत कौर ने बच्ची के रोने को चुप कराने के लिए उसकी कोमल गर्दन मरोड़ दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद, इस जघन्य अपराध को छिपाने के लिए उन्होंने बच्ची के शव को काली पॉलीथिन में लपेटकर टांडा के पास एक फ्लाईओवर के नीचे फेंक दिया। Punjab News

घटना का भयावह विवरण

पुलिस जांच के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना 9 अगस्त 2025 को शुरू हुई, जब मनिंदर कौर अपनी छह माह की बेटी अलीजा को लेकर अपने मायके, गांव डल्ला आई। यहां उसने बच्ची को अपने माता-पिता, तरसेम सिंह और दिलजीत कौर, के पास छोड़ दिया और अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। मासूम अलीजा, जो अपनी मां की गोद के लिए तरस रही थी, लगातार रो रही थी। नाना-नानी को उसका रोना बर्दाश्त नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त को उन्होंने क्रूरता की सारी सीमाएं लांघते हुए बच्ची की गर्दन मरोड़ दी, जिससे उसकी तत्काल मृत्यु हो गई।

इसके बाद, दोनों ने इस अपराध को छिपाने के लिए बच्ची के शव को एक काली पॉलीथिन में लपेटा और टांडा के पास एक फ्लाईओवर के नीचे फेंक दिया। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि उसे देखकर पुलिसकर्मी भी सिहर उठे।

पुलिस की कार्रवाई और शव की बरामदगी

बच्ची के पिता, सुलिंद्र कुमार, को जब अपनी बेटी के गायब होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने 13 अगस्त को भोगपुर थाने में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और नाना तरसेम सिंह और नानी दिलजीत कौर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध कबूल किया और शव फेंके जाने की जगह बताई। 15 अगस्त को पुलिस ने टांडा के पास फ्लाईओवर के नीचे से पॉलीथिन में लिपटे बच्ची के शव को बरामद किया। शव की हालत देखकर यह स्पष्ट था कि उसे क्रूरता से मारा गया था।

17 अगस्त को कोर्ट ने नाना-नानी को जेल भेज दिया। मां मनिंदर कौर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन उसकी संलिप्तता के बारे में अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

समयरेखा: कब क्या हुआ

  • 9 अगस्त 2025: मनिंदर कौर अपनी छह माह की बेटी अलीजा को लेकर मायके (गांव डल्ला) आई और बच्ची को छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई।

  • 13 अगस्त 2025: बच्ची के पिता सुलिंद्र कुमार ने भोगपुर थाने में बच्ची के गायब होने की शिकायत दर्ज की।

  • 15 अगस्त 2025: पुलिस ने नाना तरसेम सिंह और नानी दिलजीत कौर को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर टांडा के पास फ्लाईओवर के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया गया।

  • 17 अगस्त 2025: कोर्ट ने नाना-नानी को जेल भेजा। मां से पूछताछ जारी।

सामाजिक और कानूनी प्रतिक्रिया

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। गांव डल्ला और आसपास के क्षेत्रों में लोग इस क्रूरता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एक स्थानीय निवासी, हरजिंदर सिंह, ने कहा, “यह रिश्तों को कलंकित करने वाली घटना है। एक मासूम बच्ची के साथ ऐसी क्रूरता कोई कैसे कर सकता है? दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”

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कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नाना-नानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अगर दोष सिद्ध होता है, तो उन्हें उम्रकैद या फांसी तक की सजा हो सकती है। मां मनिंदर कौर की भूमिका की जांच भी जारी है, और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह इस अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थी।

रिश्तों पर सवाल और समाज में चिंता

यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि समाज में रिश्तों की पवित्रता और माता-पिता की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती है। मनिंदर कौर, जो तीन शादियां कर चुकी थी, ने अपनी नवजात बेटी को छोड़कर प्रेमी के साथ भागने का फैसला क्यों किया? नाना-नानी ने इतनी क्रूरता कैसे दिखाई? ये सवाल पूरे समाज को झकझोर रहे हैं।

पंजाब में हाल के वर्षों में बाल अपराधों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। 2023 में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में बच्चों के खिलाफ अपराधों में 8% की वृद्धि दर्ज की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर बाल संरक्षण और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

पुलिस की अपील और भविष्य के कदम

भोगपुर थाने के प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा, “हम इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि मासूम अलीजा को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इस बीच, सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि सरकार बच्चों की सुरक्षा के लिए और सख्त कानून बनाए और माता-पिता को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए।

छह माह की मासूम अलीजा की हत्या ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर रिश्तों की मर्यादा और मासूमियत की रक्षा कैसे की जाए। मां, नाना-नानी जैसे पवित्र रिश्तों को कलंकित करने वाली इस घटना ने समाज को एक गंभीर संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। Punjab News


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