शेयर मार्केट में तेजी ने मंगलवार, 24 मार्च को निवेशकों को बड़ा फायदा पहुंचाया। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स 1,500 अंकों से अधिक चढ़कर 74,200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 400 अंक उछलकर 22,900 के स्तर तक पहुंच गया। शेयर मार्केट में तेजी के चलते कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़ गई।
शेयर मार्केट में तेजी का पहला कारण: अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी
शेयर मार्केट में तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी के संकेत रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बाजार को राहत मिली, जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और हालात सुधर रहे हैं। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
शेयर मार्केट में तेजी को मिला ग्लोबल मार्केट का सपोर्ट
शेयर मार्केट में तेजी को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मजबूती मिली। जापान, दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी बढ़त दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी बाजार भी सकारात्मक संकेत देकर बंद हुए। इस वैश्विक माहौल ने भारतीय बाजार में तेजी को और बल दिया।
शेयर मार्केट में तेजी का तीसरा कारण: शॉर्ट कवरिंग
शेयर मार्केट में तेजी का एक अहम कारण शॉर्ट कवरिंग भी रही। मार्च F&O एक्सपायरी के चलते ट्रेडर्स ने अपनी शॉर्ट पोजीशन कवर की, जिससे बाजार में खरीदारी बढ़ी और तेजी को सपोर्ट मिला। निफ्टी ने मजबूत सपोर्ट लेवल से उछाल लिया।
शेयर मार्केट में तेजी में रुपये की मजबूती का योगदान
शेयर मार्केट में तेजी में भारतीय रुपये की मजबूती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 93.63 पर पहुंचा, जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी आने की उम्मीद बढ़ी।
शेयर मार्केट में तेजी के बाद आगे क्या रहेगा रुख
शेयर मार्केट में तेजी के बावजूद विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि यह फिलहाल राहत रैली हो सकती है और बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को सोच-समझकर निवेश करने की जरूरत है।
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