नींद में झटके से हैं परेशान? इन 5 माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से पाएं राहत और सोएं चैन की नींद
Sleep Jerks at Night Causes and Cure | क्या आपको सोते समय अचानक झटका लगता है या ऐसा महसूस होता है जैसे आप कहीं गिर रहे हैं? इस स्थिति को हिप्निक जर्क (Hypnic Jerk) या स्लीप स्टार्ट कहा जाता है। यह एक अनैच्छिक मांसपेशी संकुचन है जो नींद की शुरुआती अवस्था (हाइपनागॉजिक स्टेज) में होता है। यह अनुभव डरावना हो सकता है और नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। हिप्निक जर्क अक्सर तनाव, कैफीन का अधिक सेवन, अनियमित नींद, या शरीर में कुछ जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी के कारण होता है। इस लेख में, दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्यूट्रीशन में मास्टर्स और रीबूट गट हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की फाउंडर व डायरेक्टर डाइटिशियन मनप्रीत कालरा के साथ, हम आपको पांच ऐसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के बारे में बता रहे हैं जो हिप्निक जर्क को कम करने और गहरी, सुकून भरी नींद लाने में मदद कर सकते हैं। Sleep Jerks at Night Causes and Cure
हिप्निक जर्क क्या है और इसके कारण
हिप्निक जर्क तब होता है जब आप सोने की प्रक्रिया में होते हैं, और अचानक आपकी मांसपेशियां अनायास सिकुड़ती हैं, जिससे शरीर में झटका लगता है। यह आमतौर पर नींद की पहली अवस्था में होता है और कई बार आपको जगा सकता है। इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
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माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी: मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, और विटामिन्स जैसे बी12 और डी की कमी।
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तनाव और चिंता: मानसिक तनाव या चिंता तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है, जिससे मांसपेशियां अनायास सिकुड़ सकती हैं।
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कैफीन और उत्तेजक पदार्थ: कॉफी, चाय, या एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन नींद के चक्र को बाधित करता है।
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अनियमित नींद: अनिद्रा, देर रात तक जागना, या अनियमित नींद की आदतें।
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अत्यधिक थकान: शारीरिक या मानसिक थकान के कारण मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच संचार में असंतुलन।
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न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: कुछ मामलों में, हिप्निक जर्क न्यूरोलॉजिकल समस्याओं या नींद संबंधी विकारों जैसे रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (RLS) का संकेत हो सकता है।
हालांकि, कभी-कभार हिप्निक जर्क सामान्य है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है और आपकी नींद को प्रभावित कर रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
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हिप्निक जर्क को कम करने वाले 5 माइक्रोन्यूट्रिएंट्स
डाइटिशियन मनप्रीत कालरा के अनुसार, निम्नलिखित माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप हिप्निक जर्क को कम कर सकते हैं और नींद की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं:
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मैग्नीशियम (Magnesium)
मैग्नीशियम तंत्रिका तंत्र को शांत करने और मांसपेशियों के ऐंठन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर गतिविधि को नियंत्रित करता है और मस्तिष्क को रिलैक्स करने में मदद करता है। मैग्नीशियम की कमी से नींद में बाधा, मांसपेशियों में ऐंठन, और हिप्निक जर्क की समस्या बढ़ सकती है।
स्रोत: कद्दू के बीज, बादाम, पालक, डार्क चॉकलेट, एवोकाडो, और साबुत अनाज।
दैनिक मात्रा: पुरुषों के लिए 400-420 मिलीग्राम, महिलाओं के लिए 310-320 मिलीग्राम।
टिप: रात के खाने में पालक की सब्जी या एक मुट्ठी बादाम शामिल करें। -
कैल्शियम (Calcium)
कैल्शियम नसों और मांसपेशियों के बीच संचार को बेहतर बनाता है और नींद के चक्र को नियंत्रित करता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में संकुचन और हिप्निक जर्क की समस्या हो सकती है। कैल्शियम न्यूरोमस्कुलर कार्यों को स्थिर रखता है।
स्रोत: डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर), तिल के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे ब्रोकली), और बादाम।
दैनिक मात्रा: वयस्कों के लिए 1000-1200 मिलीग्राम।
टिप: रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध पीना फायदेमंद हो सकता है। -
पोटैशियम (Potassium)
पोटैशियम मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करता है और तंत्रिका तंत्र को स्थिर रखता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और नींद में झटके हो सकते हैं। पोटैशियम इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है।
स्रोत: केला, नारियल पानी, शकरकंद, एवोकाडो, और पालक।
दैनिक मात्रा: वयस्कों के लिए 2600-3400 मिलीग्राम।
टिप: दिन में एक केला खाएं या नारियल पानी पिएं। -
विटामिन बी12 (Vitamin B12)
विटामिन बी12 तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और न्यूरोलॉजिकल सिग्नल्स को सुचारू रखता है। इसकी कमी से तंत्रिका तंत्र में असंतुलन और नींद में बाधा हो सकती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है, जो ऑक्सीजन परिवहन को बेहतर बनाता है।
स्रोत: डेयरी उत्पाद, अंडे, फर्मेंटेड फूड्स (जैसे दही, इडली), और फोर्टिफाइड अनाज।
दैनिक मात्रा: वयस्कों के लिए 2.4 माइक्रोग्राम।
टिप: नाश्ते में दही या फर्मेंटेड फूड्स जैसे डोसा शामिल करें। -
विटामिन डी (Vitamin D)
विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है और मांसपेशियों के कार्यों को सही रखता है। यह नींद के चक्र को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण है। विटामिन डी की कमी से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और हिप्निक जर्क की आवृत्ति बढ़ सकती है।
स्रोत: मशरूम, फोर्टिफाइड डेयरी उत्पाद, अंडे की जर्दी, और सूरज की रोशनी।
दैनिक मात्रा: वयस्कों के लिए 600-800 IU (15-20 माइक्रोग्राम)।
टिप: रोज सुबह 15-20 मिनट सूरज की रोशनी में समय बिताएं और सप्ताह में दो बार मशरूम की सब्जी खाएं।
हिप्निक जर्क को कम करने के अतिरिक्त उपाय
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के साथ-साथ, कुछ जीवनशैली बदलाव भी हिप्निक जर्क को कम करने में मदद कर सकते हैं:
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कैफीन का सेवन सीमित करें: शाम के बाद कॉफी, चाय, या एनर्जी ड्रिंक्स से परहेज करें, क्योंकि ये तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करते हैं।
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नियमित नींद की दिनचर्या: रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें। रात में 7-8 घंटे की नींद लें।
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तनाव प्रबंधन: योग, मेडिटेशन, या गहरी सांस लेने की तकनीकों से तनाव कम करें। प्राणायाम और अनुलोम-विलोम विशेष रूप से फायदेमंद हैं।
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शारीरिक गतिविधि: नियमित व्यायाम, जैसे पैदल चलना या योग, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखता है। हालांकि, सोने से ठीक पहले भारी व्यायाम से बचें।
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स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से 1-2 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप, या टीवी स्क्रीन से दूरी बनाएं, क्योंकि नीली रोशनी नींद के चक्र को बाधित करती है।
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हल्का भोजन: रात के खाने में हल्का और सुपाच्य भोजन लें। भारी, तैलीय, या मसालेदार भोजन से बचें।
विशेषज्ञ की सलाह
डाइटिशियन मनप्रीत कालरा कहती हैं, “हिप्निक जर्क को कम करने के लिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के साथ-साथ एक संतुलित जीवनशैली अपनाना जरूरी है। मैग्नीशियम और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व न केवल नींद की गुणवत्ता सुधारते हैं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देते हैं। अगर हिप्निक जर्क बार-बार हो रहे हैं, तो अपने आहार और जीवनशैली की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर न्यूट्रीशनिस्ट या न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें।”
कब लें चिकित्सक की सलाह?
यदि हिप्निक जर्क सप्ताह में कई बार हो रहे हैं, नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं, या अन्य लक्षण जैसे मांसपेशियों में दर्द, थकान, या बेचैनी के साथ हैं, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। यह रेस्टलेस लेग सिंड्रोम, स्लीप एपनिया, या न्यूरोलॉजिकल विकार का संकेत हो सकता है। ब्लड टेस्ट से माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी का पता लगाया जा सकता है, और डॉक्टर सप्लीमेंट्स की सलाह दे सकते हैं।
हिप्निक जर्क एक सामान्य अनुभव हो सकता है, लेकिन बार-बार होने पर यह चिंता का विषय बन सकता है। मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन बी12, और विटामिन डी जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप इन झटकों को कम कर सकते हैं और गहरी, सुकून भरी नींद पा सकते हैं। इसके साथ ही, तनाव प्रबंधन, नियमित नींद की दिनचर्या, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप अपने समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। Sleep Jerks at Night Causes and Cure
यदि आपको नींद से संबंधित कोई समस्या है या हिप्निक जर्क के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कृपया हमें कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आपके सवालों का जवाब देने और समाधान प्रदान करने का प्रयास करेंगे। अगर यह लेख आपको उपयोगी लगा, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें। Sleep Jerks at Night Causes and Cure
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।