सोयाबीन किसानों के लिए राहत की खबर: भावांतर मॉडल रेट 57 रुपये चढ़ा, अब 4077 पर
Soybean Price Surge | मध्य प्रदेश की भावांतर भुगतान योजना-2025 सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लगातार सकारात्मक संकेत दे रही है। बुधवार को जारी नवीनतम मॉडल रेट में 57 रुपये प्रति क्विंटल की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब किसानों को 4077 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल रेट मिलेगा, जो योजना के तहत भावांतर राशि की गणना का आधार बनेगा।
यह लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने 7 से 12 नवंबर के बीच मंडी प्रांगणों में अपनी सोयाबीन उपज का खुला विक्रय किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मॉडल रेट की यह निरंतर वृद्धि बाजार भाव में सुधार और मंडी आवक के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है।
छह दिनों में 57 रुपये का सफर
- 7 नवंबर: पहला मॉडल रेट 4020 रुपये
- 8 नवंबर: 4033 रुपये (+13)
- 9-10 नवंबर: 4036 रुपये (+3)
- 11 नवंबर: 4056 रुपये (+20)
- 12 नवंबर: 4077 रुपये (+21)
कुल मिलाकर पहले दिन से अब तक 57 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोया तेल की मांग, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिरता और त्योहारी सीजन की खपत इस तेजी के प्रमुख कारक हैं।
भावांतर कैसे गणना होगा?
- मंडी में प्राप्त वास्तविक मूल्य (MSP से कम होने पर)
- घोषित मॉडल रेट (4077 रुपये)
- अंतर राशि = मॉडल रेट – वास्तविक मूल्य
- प्रति क्विंटल अंतर × बिकी मात्रा = कुल भावांतर राशि
किसानों में उत्साह, मंडियों में बढ़ी आवक
इंदौर, उज्जैन, देवास और सीहोर की मंडियों में पिछले तीन दिनों से आवक में 15-20% इजाफा दर्ज किया गया है। किसान संघों ने इसे सरकार की संवेदनशील नीति का परिणाम बताया। “पहले भाव गिरने पर नुकसान होता था, अब भावांतर योजना ने सुरक्षा कवच दे दिया,” कहना है किसान नेता रामेश्वर पटेल का।

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विभाग सूत्रों ने बताया कि 13 नवंबर से 30 नवंबर तक दैनिक मॉडल रेट जारी होते रहेंगे। यदि बाजार भाव MSP (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) से ऊपर रहता है, तो भावांतर शून्य हो सकता है, लेकिन वर्तमान रुझान किसान-हितैषी हैं।
किसान भाइयों से अपील: अपनी मंडी पर्ची, आधार और बैंक खाता तैयार रखें। 15 दिसंबर तक पोर्टल पर दावा अपलोड करना अनिवार्य है।
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