वैश्विक ऑटोमोबाइल दिग्गज स्टेलेंटिस EV रणनीति को लेकर गंभीर कानूनी जांच के दायरे में आ गया है। अमेरिकी लॉ फर्म लेवी एंड कोर्सिंस्की ने कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार से जुड़ी सार्वजनिक घोषणाओं और वित्तीय खुलासों की जांच शुरू की है। आरोप है कि कंपनी ने अपनी EV परिसंपत्तियों के मूल्यांकन और संभावनाओं को लेकर बाजार को पूरी जानकारी नहीं दी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब स्टेलेंटिस EV रणनीति में बदलाव के बाद कंपनी को भारी वित्तीय झटका लगा है और उसके शेयरों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
स्टेलेंटिस EV रणनीति पर अमेरिकी लॉ फर्म की जांच
लेवी एंड कोर्सिंस्की यह जांच कर रही है कि तीसरी तिमाही 2025 की आय कॉल और 6 फरवरी 2026 के खुलासे के बीच कंपनी की सार्वजनिक टिप्पणियां प्रबंधन के पास उपलब्ध आंतरिक जानकारी के अनुरूप थीं या नहीं।
जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या स्टेलेंटिस EV रणनीति को लेकर दिए गए बयान निवेशकों को गुमराह कर सकते थे। इस अवधि में कंपनी ने लगभग 22 अरब यूरो के संभावित इम्पेयरमेंट का संकेत दिया था, लेकिन विस्तृत मार्गदर्शन नहीं दिया गया।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
6 फरवरी के खुलासे के बाद स्टेलेंटिस के शेयरों में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर एक ही दिन में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट बताई जा रही है।
इससे पहले वॉल स्ट्रीट जेन ने 31 जनवरी 2026 को कंपनी की रेटिंग घटाकर ‘सेल’ कर दी थी। 3 फरवरी को मॉर्गन स्टेनली ने भी स्टॉक को डाउनग्रेड करते हुए निवेश में सुस्ती और रणनीतिक देरी का हवाला दिया।
भारी घाटा और रणनीतिक बदलाव
कंपनी ने 2025 की दूसरी छमाही में 20.1 अरब यूरो का शुद्ध घाटा दर्ज किया। पूरे वर्ष के दौरान कुल चार्ज 25.4 अरब यूरो तक पहुंच गए। यह घाटा मुख्य रूप से स्टेलेंटिस EV रणनीति में संशोधन और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की धीमी गति के कारण हुआ।
प्रबंधन ने स्वीकार किया कि उसने EV मांग का आकलन अधिक कर लिया था। इसके चलते 2026 के लिए प्रस्तावित डिविडेंड को स्थगित कर दिया गया और पूंजी वापसी नीति की समीक्षा शुरू की गई।
कंपनी का कहना है कि वह 2026 के दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ के कारण इस वर्ष लगभग 1.6 अरब यूरो की अतिरिक्त लागत का अनुमान है।
निवेशकों के अधिकारों पर सवाल
लेवी एंड कोर्सिंस्की ने उन निवेशकों को आगे आने का आह्वान किया है जिन्होंने संबंधित अवधि में स्टेलेंटिस के शेयर खरीदे थे। लॉ फर्म यह देख रही है कि क्या संघीय प्रतिभूति कानूनों का उल्लंघन हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो स्टेलेंटिस EV रणनीति से जुड़े मामलों में कंपनी को कानूनी और वित्तीय परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपनी इलेक्ट्रिफिकेशन रणनीति को किस तरह संतुलित करती है और निवेशकों का भरोसा दोबारा हासिल कर पाती है या नहीं।
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