मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी उपरांत षष्ठी: अगर कुंडली में ग्रहों के राजा सूर्य शुभ हो जाएं तो व्यक्ति को राजकीय कृपा, उच्च पद और समाज में सम्मान प्राप्त होता है.

मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी उपरांत षष्ठी: अगर कुंडली में ग्रहों के राजा सूर्य शुभ हो जाएं तो व्यक्ति को राजकीय कृपा, उच्च पद और समाज में सम्मान प्राप्त होता है.

Sunday Ritual for Instant Wealth & Fame Boost | आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी (उपरांत षष्ठी) तिथि और रविवार का पवित्र दिन है। रविवार सूर्य नारायण को समर्पित है, इसलिए आज सूर्य देव का व्रत और पूजन विशेष रूप से फलदायी रहेगा। कुंडली में सूर्य के शुभ होने से राजकीय कृपा, उच्च पद, स्वास्थ्य, पिता का सुख और सामाजिक सम्मान प्राप्त होता है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, राजसत्ता और प्रतिष्ठा का कारक माना गया है। पंचांग के अनुसार, आज चंद्रमा मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जो सिद्ध योग के साथ लाभकारी है। पश्चिम दिशा का दिशाशूल है, इसलिए यात्रा या कार्य के दौरान सावधानी बरतें। आइए, जानें आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्य पूजा की विधि।

सूर्य देव पूजा का महत्व और विधि

सूर्य देव को भगवान विष्णु का अंश माना जाता है। रविवार को उनकी आराधना से जीवन में तेज, ऊर्जा, आत्मबल और यश की वृद्धि होती है। यह पूजा पितरों की शांति करती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करती है। कुंडली में सूर्य की मजबूत स्थिति कुल की प्रतिष्ठा बढ़ाती है।

पूजा विधि:

  • प्रातः सूर्योदय से पूर्व स्नान करें।
  • तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, अक्षत, गुड़ और लाल चंदन मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।
  • ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का 11 या 108 बार जप करें।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का पाठ करें।
  • दिनभर सात्विक भोजन ग्रहण करें और लाल या केसरिया वस्त्र पहनें।
  • गुड़ और गेहूं का दान करें।

सूर्य आराधना केवल ग्रह शांति नहीं, बल्कि अहंकार को प्रकाश में विलीन करने का माध्यम है।

आज का पंचांग (9 नवंबर 2025)

विवरण समय/विवरण
तिथि पंचमी – सुबह 01:54 तक (10 नवंबर), फिर षष्ठी
नक्षत्र आर्द्रा – शाम 08:04 तक, फिर पुनर्वसु
करण कौलव – दोपहर 03:05 तक, फिर तैतिल (10 नवंबर सुबह 01:54 तक)
योग सिद्ध – दोपहर 03:02 तक, फिर साध्य
पक्ष कृष्ण पक्ष
मास मार्गशीर्ष
दिन रविवार
चंद्र राशि मिथुन
सूर्य राशि तुला
सूर्योदय सुबह 06:39 बजे
सूर्यास्त शाम 05:30 बजे
चंद्रोदय रात 09:07 बजे
चंद्रास्त सुबह 10:53 बजे
दिशाशूल पश्चिम (यात्रा से बचें)

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 से 05:46 बजे – ध्यान, पूजा के लिए उत्तम।
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 से 12:26 बजे – विवाह, मुहूर्त कार्यों के लिए शुभ।
  • विजय मुहूर्त: (आंशिक उपलब्ध) – सामान्य शुभ कार्यों के लिए।

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अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

  • राहुकाल: दोपहर 04:09 से 05:30 बजे – कोई शुभ कार्य न करें।
  • यमगंड: दोपहर 12:05 से 01:26 बजे।
  • गुलिक काल: दोपहर 02:48 से 04:09 बजे।
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 04:04 से 04:47 बजे।
  • विडाल योग: शाम 08:04 से (10 नवंबर सुबह 06:40 तक)।

आज पंचमी तिथि नागों के देवता का शासन मानी जाती है, इसलिए आध्यात्मिक कार्य, पूजा-पाठ और तीर्थयात्रा शुभ रहेंगे। सूर्य व्रत रखकर कष्टों से मुक्ति पाएं। ज्योतिषीय सलाह के लिए पंचांग का सदुपयोग करें।


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