सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना: मध्यप्रदेश के छोटे किसानों को बिजली उत्पादक बनाने की पहल, 10 जून 2025 को भोपाल में होगा समिट

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना: मध्यप्रदेश के छोटे किसानों को बिजली उत्पादक बनाने की पहल, 10 जून 2025 को भोपाल में होगा समिट

Surya Mitra Agriculture Feeder Scheme | मध्यप्रदेश में छोटे किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, डॉ. मोहन यादव सरकार ने “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा के माध्यम से छोटे किसानों को न केवल आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि उन्हें बिजली उत्पादक के रूप में स्थापित करना भी है। यह योजना नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 10 जून 2025 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में इस योजना को लेकर एक भव्य समिट का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूरे प्रदेश भर से किसान, उद्यमी, और निवेशक हिस्सा लेंगे। इस लेख में हम इस योजना के विभिन्न पहलुओं, इसके लाभों, समिट के महत्व, और मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के भविष्य पर विस्तार से चर्चा करेंगे। Surya Mitra Agriculture Feeder Scheme

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना: एक परिचय

“सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके तहत छोटे किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन की दिशा में सशक्त बनाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत, राज्य के विद्युत सब स्टेशनों की 100% क्षमता तक सौर परियोजनाओं को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य यह है कि किसान सस्ती बिजली का उत्पादन करें, उसका उपयोग अपनी जरूरतों के लिए करें, और अतिरिक्त बिजली को बेचकर आय अर्जित करें। यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।

इस योजना में निवेशकों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा, “हमारी सरकार की मूल भावना यह है कि नवकरणीय ऊर्जा के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जाए। निवेशकों का सहयोग लिया जाएगा, लेकिन प्राथमिकता यह होगी कि स्थानीय स्तर पर ही बिजली का उत्पादन और खपत हो।” योजना के तहत सरकार ने 25 वर्षों तक के विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) की व्यवस्था की है, जिससे किसानों को दीर्घकालिक आय का भरोसा मिलेगा।

योजना के प्रमुख उद्देश्य

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के कई प्रमुख उद्देश्य हैं, जो इसे मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक गेम-चेंजर बनाते हैं। ये उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  1. किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराना: योजना का एक मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी सिंचाई और अन्य जरूरतों के लिए दिन के समय पर्याप्त बिजली मिले। पारंपरिक बिजली आपूर्ति में अक्सर रात के समय बिजली दी जाती है, जो किसानों के लिए असुविधाजनक होता है। इस योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित बिजली दिन में उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की जीवनशैली व्यवस्थित होगी।
  2. मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी को सस्ती बिजली: इस योजना के तहत उत्पादित बिजली को मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी को कम दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बिजली की लागत में कमी आएगी और इसका लाभ अंततः उपभोक्ताओं को मिलेगा।
  3. ट्रांसमिशन हानि को कम करना: सौर ऊर्जा का उत्पादन खपत के स्थान पर ही करने से ट्रांसमिशन हानि को कम किया जा सकेगा। यह न केवल ऊर्जा दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली को भी मजबूत करेगा।
  4. स्थानीय निवेश और रोजगार को बढ़ावा: योजना के तहत वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को अपनाया गया है। स्थानीय उद्यमियों और निवेशकों को सौर परियोजनाओं में निवेश करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में रोजगार सृजन होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
  5. नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा: मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना इस लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

10 जून 2025 को भोपाल में समिट: एक नई शुरुआत

10 जून 2025 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाला “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट” इस योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस समिट में प्रदेश भर से हजारों किसान, स्थानीय उद्यमी, निवेशक, और सरकारी अधिकारी हिस्सा लेंगे। समिट का उद्देश्य निम्नलिखित है:

  • जागरूकता फैलाना: समिट के माध्यम से किसानों को इस योजना के लाभों और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि वे कैसे सौर ऊर्जा का उत्पादन कर सकते हैं और इसे बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं।
  • निवेश के अवसर: समिट में निवेशकों को सौर परियोजनाओं में निवेश के अवसरों के बारे में बताया जाएगा। सरकार ने सोलर संयंत्र स्थापना के लिए ₹1.05 की दर निर्धारित की है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक है।
  • उद्योगपतियों और किसानों की साझेदारी: समिट का एक मुख्य लक्ष्य उद्योगपतियों और किसानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना है। इससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलेगी और मध्यप्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
  • नीति और परिवेश: समिट में मध्यप्रदेश सरकार की बेहतर नीतियों और अनुकूल परिवेश पर भी चर्चा होगी, जो नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा की प्रगति

मध्यप्रदेश पिछले कुछ वर्षों से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स ने राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को नई गति दी है। इसके अलावा, सरकार ने पहले ही करीब 8,000 समर्पित कृषि फीडर स्थापित किए हैं, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगी। सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा स्रोत है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है। मध्यप्रदेश सरकार का यह प्रयास भारत के हरित भविष्य के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

योजना के लाभ और प्रभाव

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ हैं, जो मध्यप्रदेश के छोटे किसानों और समग्र अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे:

  • आर्थिक सशक्तिकरण: किसान सौर ऊर्जा का उत्पादन कर न केवल अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली को बेचकर आय भी अर्जित करेंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
  • सिंचाई में सुधार: दिन के समय बिजली की उपलब्धता से किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई में आसानी होगी। इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आय बढ़ेगी।
  • रोजगार सृजन: योजना के तहत स्थानीय स्तर पर सौर परियोजनाओं की स्थापना से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय उद्यमी और युवा इन परियोजनाओं में हिस्सा ले सकेंगे।
  • पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा के उपयोग से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता: मध्यप्रदेश इस योजना के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेगा। सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ने से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।

भविष्य की संभावनाएं

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में असीम संभावनाओं को जन्म दे रही है। यह योजना न केवल किसानों को सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य को नवकरणीय ऊर्जा का हब भी बनाएगी। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का है, और इस योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

इसके अलावा, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम ने सौर परियोजनाओं के लिए डेवलपर्स के चयन हेतु निविदाएं भी जारी कर दी हैं। इन परियोजनाओं का संचालन 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौतों (PPA) के तहत किया जाएगा, जो दीर्घकालिक स्थिरता और विश्वास को सुनिश्चित करता है।

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना मध्यप्रदेश के छोटे किसानों के लिए एक वरदान साबित होने वाली है। यह योजना न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को एक नई पहचान भी दिलाएगी। 10 जून 2025 को भोपाल में आयोजित होने वाला समिट इस योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्णकदम है। इस समिट के माध्यम से किसानों, उद्यमियों, और निवेशकों को एक मंच पर लाकर मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नयाइतिहास रचने जा रही है।

यह योजना मध्यप्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगी और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगी। छोटे किसानों के लिए यह एक सुनहराअवसर है, जिसके माध्यम से वे न केवल अपनी आजीविका को बेहतर बना सकेंगे, बल्कि एक हरित और सतत भविष्य के निर्माण में भी अपनी भूमिकानिभा सकेंगे।


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