सुसनेर। नगर परिषद सुसनेर में बीते दिनों बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। परिषद के कुल 15 पार्षदों में से 12 पार्षदों ने सामूहिक रूप से बगावत कि जिसमें 4 कांग्रेस के पार्षद व 1 निर्दलीय पार्षद और 7भाजपा पार्षद अपनी ही परिषद पर भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि विरोध करने वाले अधिकांश पार्षद भारतीय जनता पार्टी से ही जुड़े हुए हैं।
पार्षदों का कहना है कि परिषद में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं। नगर की मूलभूत समस्याओं जैसे सड़क, नाली, पानी और सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
आक्रोशित पार्षदों ने एकजुट होकर बीते दिनों कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और परिषद अध्यक्ष व परिषद पर अविश्वास प्रस्ताव की मांग की। उनका कहना है कि अब तक परिषद में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण नगर की जनता त्रस्त हो चुकी है, इसलिए प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन प्राप्त कर जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं नगर की राजनीति में इस बगावत से बड़ा भूचाल आ गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि परिषद पर अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद सत्ता समीकरण किस ओर करवट लेते हैं।
👉 12 पार्षदों की बगावत ने भाजपा खेमे में हलचल मचा दी है और नगर की राजनीति नई दिशा पकड़ सकती है।
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