दिवाली पर तोरण में आम के पत्तों की सही संख्या: वास्तु शास्त्र की सलाह

दिवाली पर तोरण में आम के पत्तों की सही संख्या: वास्तु शास्त्र की सलाह

Toran Vastu Tips | दिवाली के पावन अवसर पर घर की सजावट में तोरण का विशेष महत्व होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तोरण में आम के कितने पत्ते लगाना शुभ माना जाता है? वास्तु शास्त्र और धार्मिक परंपराएं इसकी संख्या और महत्व को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश देती हैं, जो घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने में सहायक हैं।

दिवाली के दौरान हर घर रंगोली, दीपक और लाइट्स से सजाया जाता है, लेकिन दरवाजे पर लटकने वाला तोरण (Toran) घर की शोभा और शुभता को बढ़ाने का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह केवल सजावट का साधन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और वास्तु दृष्टिकोण से सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है। पुराने धार्मिक ग्रंथों में तोरण को देवी लक्ष्मी के स्वागत और शुभ संकेतों का प्रतीक बताया गया है। आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार तोरण में आम के कितने पत्ते लगाना शुभ होता है और इसके पीछे की परंपरा क्या कहती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार आम के पत्तों की संख्या

वास्तु शास्त्र में तोरण के लिए 11 आम के पत्ते लगाना सबसे शुभ माना जाता है। यह विषम संख्या ऊर्जा संतुलन और एकता का प्रतीक है। कुछ परंपराओं में 5, 7 या 9 पत्तों का भी उपयोग होता है, लेकिन 11 पत्ते विशेष रूप से सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि के लिए प्रभावी माने जाते हैं। ये पत्ते भगवान विष्णु को प्रिय हैं और देवी लक्ष्मी के आगमन का संकेत देते हैं।

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तोरण लगाने के नियम और दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तोरण को मुख्य द्वार पर इस तरह लगाना चाहिए कि पत्ते नीचे की ओर झुकें। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है। तोरण को गुरुवार या शुक्रवार के दिन बदलना शुभ माना जाता है, खासकर दिवाली जैसे पवित्र अवसर पर। पत्तों को साफ और हरे रंग का होना चाहिए, क्योंकि हरे पत्ते जीवन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक हैं।

तोरण का आध्यात्मिक और वास्तु महत्व

हिंदू धर्म में तोरण लगाने की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है। यह देवी-देवताओं के स्वागत का प्रतीक है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। आम के पत्तों का उपयोग इसलिए किया जाता है, क्योंकि ये भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को प्रिय हैं। दिवाली पर तोरण लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यह न केवल सजावटी तत्व है, बल्कि एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच की तरह भी कार्य करता है, जो नकारात्मक प्रभावों को दूर रखता है।

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दिवाली पर तोरण लगाने के लाभ

  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार: तोरण घर में शुद्धता और सकारात्मकता लाता है, जिससे वातावरण पवित्र और शांत रहता है।
  • सुख और समृद्धि: आम के हरे पत्ते स्वास्थ्य, धन और खुशहाली के प्रतीक हैं।
  • आध्यात्मिक सुरक्षा: यह घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है और परिवार के लिए शुभता लाता है।

तोरण की परंपरा और भविष्य में इसका महत्व

दिवाली पर तोरण लगाना केवल एक परंपरा ही नहीं, बल्कि घर में सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा बनाए रखने का एक तरीका है। यह परंपरा न केवल देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का स्वागत करती है, बल्कि परिवार में एकता और शांति को भी बढ़ावा देती है। भविष्य में भी यह परंपरा घरों में खुशहाली और समृद्धि लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सही संख्या और दिशा में तोरण लगाकर आप अपने घर को न केवल सुंदर बना सकते हैं, बल्कि इसे आध्यात्मिक और वास्तु दृष्टिकोण से भी समृद्ध कर सकते हैं।

इस दिवाली, अपने घर के मुख्य द्वार पर 11 आम के पत्तों का तोरणलगाएं और वास्तु शास्त्र के इननियमों का पालन कर सुख, शांति और समृद्धि कास्वागत करें।


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