शासकीय कॉलेजों में अब केवल NET/SET/PhD योग्य ही पढ़ा सकेंगे, अयोग्य अतिथि विद्वानों की सेवाएं होंगी निरस्त
UGC qualification rule colleges India | भोपाल। मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वानों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। यूजीसी की निर्धारित अर्हताओं को पूरा नहीं करने वाले अतिथि विद्वानों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। यह कार्रवाई नियमित नियुक्ति या स्थानांतरण के बाद फॉलन आउट हुए अतिथि विद्वानों पर लागू होगी।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को दिए गए अंतिम निर्णय के अनुपालन में यह फैसला लिया गया है। ऐसे अतिथि विद्वान जिनके पास केवल पीजी या एमफिल की योग्यता है और जो नेट, सेट या पीएचडी जैसी अनिवार्य योग्यता नहीं रखते, उन्हें अब कॉलेजों में पढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यूजीसी विनियम 2018 और उसके बाद हुए संशोधनों के अनुरूप योग्यता नहीं रखने वाले अतिथि विद्वानों को सेवा में बनाए रखना संभव नहीं है। इससे पहले अंतरिम आदेशों के तहत उन्हें पोर्टल पर विकल्प देने की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब अंतिम निर्णय के बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।